नगर की कान्हा गोशाला में गायों की मौत की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर हंगामा किया। कई पशुओं की मौत होने एवं अन्य पशु बीमार होने का भी आरोप लगाया। कहा कि यहां पर पशुओं की देखभाल सही तरीके से नहीं कराई जा रही है। जिससे वह बीमार हो रहे हैं। मौके पर पहुंची एसडीएम सुनीता सिंह ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया।
हसनपुर की कान्हा गोशाला में तीन गोवंशीय पशुओं की मौत होने और जेसीबी से शव को परिसर में दबाने की सूचना पर सोमवार सुबह ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। जिला सह संयोजक वीरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि गोशाला में करीब सात गाय बीमार हैं, जो हालत गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोशाला में कई पशुओं की मौत हो गई है। जिन्हें गोशाला परिसर में ही जेसीबी से दबा दिया गया है
आरोप लगाया कि गोशाला में पशुओं की देखभाल सही से नहीं की जा रही। पशु चिकित्सक भी गोशाला में पहुंचकर पशुओं का रोजाना उपचार नहीं करते। कहा, जो पशु बीमार हैं उन्हें पक्षी नोचते हैं। जिससे गोशाला में पशुओं की मौत हो रही है। उन्होंने प्रशासन से पशुओं की सही तरीके से देखभाल करने और गायों की मौत होने के मामले की जांच की मांग की। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की ईओ विजयपाल से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर एसडीएम सुनीता सिंह पहुंच गईं। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। एसडीएम ने बताया कि पूरे मामले जांच कराने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मोहित अग्रवाल, राहुल हिंदुस्तनी, शिवम वशिष्ठ, राजेश चौहान, गौरव चौहान आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सांथलपुर गोशाला में हुई थी 61 पशुओं की मौत
हसनपुर। तहसील क्षेत्र के गांव सांथलपुर में स्थित गोशाला में अगस्त 2022 में जहरीला चारा खाने से 61 गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। मामले में लापरवाही बरतने पर ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद 13 जनवरी 2024 में हसनपुर की कान्हा गोशाला में करीब 16 गायों की मौत हो गई थी। इस मामले में लापरवाही बरतने पर गोशाला प्रभारी, नगर पालिका के तत्कालीन ईओ प्रदीप नारायण दीक्षित और तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह को हटा दिया गया था। इसके बाद से गोशाला की व्यवस्थाएं ठीक हुईं। हालांकि अब कई गोशाला में कई पशु बीमार हैं। पशु चिकित्सक डॉ. चंद्रवीर सिंह का कहना है कि बीमार पशुओं का नियमित रूप से उपचार कराया जा रहा है।