बैशाख माह की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। तिगरी और ब्रजघाट गंगा में स्नान करने के लिए सैलाब उमड़ा। घाटों पर हर-हर गंगे के उद्घोष गंजते रहे। श्रद्धालुओं ने स्नान कर गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराए। पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर तृप्त किया। गंगा में तड़के शुरू हुआ स्नान का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा।
तिगरी निवासी पंडित गंगाशरण शर्मा और गजरौला के बुध बाजार रेलवे स्टेशन मार्ग निवासी पुरोहित पंडित दयानंद शर्मा के मुताबिक बैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस पर गंगा में स्नान करने और पुरोहितों, पंडा व जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य प्राप्त होता है।
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सोमवार को बैशाख माह की पूर्णिमा होने के कारण गंगा में स्नान कर पुण्य कमाने के लिए श्रद्धालु तड़के से ही ब्रजघाट व तिगरीधाम पहुंचने लगे थे। सूरज निकलने से पहले ही हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ लोगों ने गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिया था। तिगरी व ब्रजघाट गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे धार्मिक अनुष्ठान कराए। पंडा-पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर तृप्त किया। ब्रजघाट और तिगरी में तड़के शुरू हुआ गंगा स्नान का क्रम दोपहर तक चलता रहा।
दिल्ली हाईवे पर सात घंटे जाम
गजरौला। बैशाख माह की पूर्णिमा पर गंगा में स्नान के चलते हाईवे पर जाम लगा रहा। ब्रजघाट गंगा पुल से कांकाठेर तक वाहनों की लाइन लगी गई। करीब सात घंटे तक लगे जाम में हाईवे पर चंद मिनट की दूरी तय करने में घंटों का समय लगा।
सोमवार को बैशाख पूर्णिमा पर ब्रजघाट गंगा में स्नान करने के लिए सैलाब उमड़ा। सार्वजनिक वाहनों के साथ ही श्रद्धालु अपने वाहनों से पहुंचे। गंगा पुल पर श्रद्धालुओं को उतारने व बैठाने के लिए रुके वाहनों के कारण सुबह सात बजे जाम लगा। कुछ ही देर में वाहनों की लाइन लग गई, जो ब्रजघाट गंगा पुल से कांकाठेर तक पहुंच गई। दोपहर 12 बजे तक लगे जाम में फंसे श्रद्धालुओं और राहगीरों को भीषण गर्मी में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि हाईवे पर जाम नहीं लगा, बल्कि वाहन रेंग रेंग कर गुजरते रहे थे।