बरसात में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पालिका प्रशासन ने नगर के नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया है। पालिका द्वारा नालों की सफाई पर करीब 17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें 11 बड़े नाले शामिल है।
जुलाई से प्रदेश में मानसून सक्रिय हो जाता है। बरसात में नगर के कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति हो जाती है। इनमें जामा मस्जिद, मोहल्ला चामुंडा, घास मंडी व शिवपुरी का इलाका शामिल है। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पालिका प्रशासन ने अभी से ही कवायद शुरू कर दी है। पालिका ने नालों की सफाई का टेंडर जारी कर उसको स्वीकृत कर दिया है। ईओ अवधेश वर्मा ने बताया कि नगर में कुल 18 नाले हैं। इनमें 11 नाले बड़े हैं। इनकी सफाई पर करीब 17 लाख रुपये खर्च होगे। पहले जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पालिका द्वारा दो नालों का निर्माण भी कराया गया था। पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने बताया कि नालों से निकली सिल्ट को हटाया जाएगा। नालों की सफाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।