अमरोहा। उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा के हसनपुर क्षेत्र के झूलपुरी स्थित फार्म हाउस में हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी सिपाही प्रमोद कुमार की जमानत अर्जी उसके अधिवक्ता ने वापस ले ली है।
पुलिस की ओर से मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाए जाने के बाद अब नई धाराओं के आधार पर दोबारा जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। मामले में नामजद अन्य तीन आरोपियों की ओर से अभी जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई है।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली युवती ने आरोप लगाया था कि उसकी एक महिला मित्र ने सीआरपीएफ में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित से मुलाकात कराई थी। युवती के मुताबिक, 21 सितंबर को वह सोनीपत में मोहित से मिली थी। मोहित घूमने जाने की बात कहकर उसे कार में बैठाकर मेरठ ले गया। वहां सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर लालाराम यादव भी कार में सवार हो गए। उस रात तीनों मेरठ के एक होटल में रुके थे। अगले दिन आरोपियों के साथ युवती हसनपुर पहुंची।
आरोप है कि हसनपुर कोतवाली के गेट के पास सादे कपड़ों में मौजूद दरोगा संजय तोमर भी कार में बैठ गया। इसके बाद सभी झूलपुरी स्थित फार्म हाउस पहुंचे और वहां कमरे लिए। कुछ देर बाद मुजफ्फरनगर के फुगाना थाना क्षेत्र के खेड़ामस्तान गांव निवासी सिपाही प्रमोद कुमार खाना और शराब लेकर फार्म हाउस पहुंचा।
आरोप है कि इसके बाद मोहित, लालाराम यादव और संजय तोमर जबरन उसके कमरे में घुस आए और उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद प्रमोद कुमार भी कमरे में पहुंचा, लेकिन युवती ने उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी।
पुलिस ने उसी रात फार्म हाउस पर छापा मारकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी सिपाही प्रमोद के अधिवक्ता कपिल चिकारा ने बताया कि जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत ने हसनपुर कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। इसी बीच पुलिस ने मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ा दीं। इसके चलते बुधवार को जमानत अर्जी वापस ले ली गई। अब बढ़ी हुई धाराओं के आधार पर नए सिरे से जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया जाएगा।