योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि राम सबके हैं। राम हमारे स्वाभिमान हैं, राष्ट्र की अस्मिता हैं, वह मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। राम सभी के पूर्वज हैं, हिंदुओं के भी और मुसलमानों के भी। अयोध्या में राम मंदिर जाने के लिए तीन बार निमंत्रण मिला है लेकिन निमंत्रण तो औपचारिकता मात्र है। हम वहां अवश्य जाएंगे।
सभी को वहां जाना चाहिए। जो पार्टियां राम का विरोध कर रही हैं, वे गलत हैं। योग गुरु बाबा रामदेव रविवार को चोटीपुरा स्थित श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राम और राम मंदिर न राजनीतिक विषय है और न ही मजहबी।
उन्होंने राम के नाम पर विरोध करने वाली राजनीतिक पार्टियों पर कटाक्ष किया। कहा कि भगवान राम ने रावण को तो मोक्ष दिया ही था, जो राम को नहीं मानेंगे, उनका राजनीतिक मोक्ष भी हो जाएगा। इस विषय पर राजनीतिज्ञों के अलग-अलग बयानों पर टिप्पणी करने से उन्होंने इन्कार कर दिया। आचार्य बालकृष्ण भी योग गुरु के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
गुरुकुल कन्याओं का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय
योग गुरु बाबा रामदेव ने चोटीपुरा स्थित गुरुकुल को देश का सबसे बड़ा कन्या विश्वविद्यालय बताया। कहा कि यहां 1100 बेटियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। जैसे वैदिक काल में ऋषिकाओं और भारत की महान नारियों के बारे में सुना, ऐसी बेटियां तैयार करने का महान कार्य गुरुकुल संचालिका डॉ. सुमेधा कर रही हैं। बेटियों के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता को आगे बढ़ा रही हैं।
गुरु के आदेशों का पालन अवश्य करें
गुरुकुल में महर्षि दयानंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि गुरु की आज्ञा का सौ प्रतिशत पालन करना चाहिए। यहां के माहौल से गुरुकुल पद्धति आगे बढ़ रही है। मैकाले शिक्षा पद्धति की जगह अब पूरे देश में भारतीय शिक्षा पद्धति का विस्तार होगा।
बौद्धिक और वैचारिक दृष्टि से गुरुकुल अपनी पहचान बना रहा है। गुरुकुल की छात्राओं ने जिस तरह से अपना मुकाम हासिल किया है, वह गौरव की बात है। उन्होंने छात्राओं से लक्ष्य बनाकर मंजिल प्राप्त करने का आह्वान किया। गुरुकुल संचालिका डॉ. सुमेधा की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में गुरुकुल पद्धति के आचार्याें को सम्मानित भी किया।