राज्यपाल महोदय मुझसे घृणा करते हैं, इसी वजह से उन्होंने मेयरों से संबंधित बिल को लटका रखा है। यह आरोप यूपी के शहरी विकास मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता मोहम्मद आजम खां ने बृहस्पतिवार को मुरादाबाद में लगाया।
उन्होंने कहा की जब देश का पीएम जांच के दायरे है तो फिर मेयरों को जांच के दायर में क्यों नहीं लाया जा सकता है। इस बिल को राज्यपाल ने लटका रखा है। वह भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे है क्योंकि ज्यादातर मेयर भाजपा के हैं। इसलिए वह इस बिल को रोक रहे हैं।
नगर विकास मंत्री ने कहा राज्यपाल पद किसी जाति-धर्म या पार्टी का नहीं होता है। यह एक संवैधानिक पद है इसकी मर्यादा का ध्यान रखा चाहिये लेकिन प्रदेश के राज्यपाल भाजपा और आरआरएस के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
राज्यपाल मुझसे घृणा कर मुश्किलें पैदा कर रहे
राज्यपाल मुझसे घृणा करके मेरे लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। मैं जनता द्वारा चुना गया हूं। मैंने आज तक कोई काम संविधान विरुद्ध नहीं है मैं अपना इस्तीफा क्यों दूं। राज्यपाल महोदय को मेरी बर्खास्तगी की मांग करने का अधिकार नहंी है। मैं राष्ट्रपति से मिलकर इस मामले में कार्यवाही मांग करूंगा।
राज्यपाल को आरएसएस और भाजपा ने यहां पर इस लिए भेजा है वो मंदिर बनाने को लेकर बयानबाजी करके लोगों को विकास के रास्ते से भटका सकें। नगर विकास मंत्री आजम खां अमरोहा में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेकर लौट रहे थे। उनके साथ अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य पूर्व विधायक रिफाकत हुसैन भी साथ थे।