शेरपुर मार्ग पर खाबड़ी गांव के निकट चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर सोमवार की रात ग्रामीणों की भीड़ ने हमला बोल दिया। चेकिंग कर रहे शेरपुर पुलिस चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों की जमकर पिटाई की गई।
हमले के बाद आरोपी ग्रामीण फरार हो गए। आरोप है कि भीड़ की अगुवाई एक गांव के प्रधान का पति(पूर्व जिला पंचायत सदस्य) कर रहा था। जानकारी होने पर दो थानों की पुलिस प्रधान के पति और ग्रामीणों की तलाश में जुट गई है। बताया जाता है कि प्रधान का पति चौकी इंचार्ज की ओर से अवैध शराब के किसी कारोबारी पर कार्रवाई से नाराज था।
शेरपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज संजय सिंह पुलिसकर्मियों के साथ सोमवार रात तकरीबन आठ बजे खाबड़ी चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान बिना कागज वाले वाहनों का चालान काटा जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान निकटवर्ती गांव के प्रधान का पति(पूर्व जिला पंचायत सदस्य) 40-50 लोगों के साथ वहां पहुंच गया और वाहन चेकिंग के बारे में कैफियत मांगने लगा।
इंचार्ज ने बताया कि चेकिंग अधिकारियों के निर्देश पर की जा रही है। इस पर प्रधान का पति भड़क गया और पुलिसकर्मियों पर भीड़ के साथ हमला बोल दिया। दरोगा संजय सिंह की भी जमकर पिटाई की गई। पिटाई के बाद ग्रामीण मौके से भाग गए। दरोगा ने अपने और पुलिसकर्मियों के साथ की गई मारपीट की जानकारी तत्काल थानाध्यक्ष को दी। एसओ ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
सूचना मिलते ही थाना धनौरा व बछरायूं का पुलिस फोर्स आरोपी ग्रामीणों और प्रधान के पति की तलाश में दबिश में जुट गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी प्रधान का पति खादर क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबारियों को संरक्षण प्रदान करता है। पिछले दिनों शेरपुर पुलिस चौकी ने शराब सप्लाई कर रहे एक ट्रैक्टर को सीज कर दिया था। वह ट्रैक्टर प्रधान के पति के रिशतेदार का है। इसको लेकर भी प्रधान का पति पुलिस से नाराज चल रहा था।
शेरपुर पुलिस चौकी इंचार्ज संजय सिंह सोमवार की शाम खावड़ी गांव चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। प्रधान का पति 40-50 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और पुलिस टीम के साथ मारपीट करने लगा। आरोपियों के खिलाफ दरोगा संजय सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अशोक सोलंकी, थानाध्यक्ष धनौरा