थाने में खड़ी विभिन्न जनपदों से चोरी की गई दस बाइक
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महंगे शौक को पूरा करने के लिए तीन युवक चोर बन गए। आसपास के जनपदों से बाइकें चोरी कर उन्हें यूपी के साथ ही कई राज्यों में बेच देते थे। सोमवार रात वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनकी निशानदेही पर चोरी की दस बाइकें भी बरामद हुईं। पकड़े गए तीनों आरोपी युवक ठीकठाक परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस ने उनका चालान कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है।
मंगलवार को थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी अजय प्रताप सिंह ने बाइक चोर गिरोह का खुलासा किया। पत्रकारों को बताया कि सोमवार की रात को इंस्पेक्टर आरपी शर्मा, एसआई जावेद अली, एसआई संत कुमार और टीम के साथ हाईवे पर दरियापुर के पास राउंड पर थे। इसी दौरान बाइक पर आ रहे अनिकेत निवासी गांव बदौनिया थाना रजबपुर और अरमान निवासी गांव तोफापुर कोतवाली डिडौली को रोककर कागज दिखाने को कहा।
इस पर दोनों हड़बड़ा गए और बाइक चोरी की होने की जानकारी दी। अपने तीसरे साथी कार्तिक निवासी गांव चंद्रपाल खेड़ी थाना नकुड़ जिला सहारनपुर का नाम बताया। जो कि पास ही एक ट्यूबवेल की कोठरी में चोरी की नौ बाइकों के साथ मौजूद था। पुलिस तीनों को बाइकों समेत पकड़कर थाने ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दो माह से बाइक चोरी के धंधे में लिप्त हैं। चोरी की गई बाइकों को नंबर प्लेट बदलकर बेच देते थे। एएसपी ने बताया कि तीनों ही छात्र हैं और संपन्न परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। शाम को इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है।
फेसबुक से हुई थी दोस्ती, उदयपुर में बेची थी बाइक
इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि सहारनपुर निवासी कार्तिक ग्रेटर नोएडा स्थित बालक इंटर कालेज में पढ़ता था। फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती गांव तोहफापुर निवासी मोहित से हुई थी। अरमान मोहित का दोस्त था। इसी के बाद कार्तिक की अनिकेत और अरमान से भी मित्रता हो गई। इंस्पेक्टर के मुताबिक कार्तिक और अनिकेत अलग-अलग बाइकों से उदयपुर (राजस्थान) भी गए थे। वहां एक बाइक को बेचकर लौट आए थे।