अमरोहा। रक्षाबंधन मनाने के बाद शनिवार को बहनों की घर वापसी शुरू हुई तो रोडवेज बसों और ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बसों में सीट के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। पहले से भरी बसों में चढ़ने के लिए महिलाओं समेत अन्य यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ी। बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर भीड़ लगी रही।
शुक्रवार को रक्षाबंधन पर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को तीन दिन रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी थी। एक सहयात्री को भी मुफ्त सफर की सुविधा मिली। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रोडवेज ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की, लेकिन शनिवार की भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी रहे।
दूरदराज जाने वाली बहनें सुबह से बसों का इंतजार करती रहीं। बस आते ही यात्रियों की भीड़ टूट पड़ती और पहले से भरी बसों में जगह बनाने में परेशानी होती रही। ट्रेनों में भी यही स्थिति रही।
बड़ी संख्या में लोगों ने निजी वाहनों का सहारा लिया, जिससे प्रमुख चौराहों, संपर्क मार्गों और हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। कई जगह जाम की स्थिति बनी रही। ट्रैफिक पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालते नजर आए। एआरएम केसी गौड़ ने बताया कि डिपो की सभी बसें ऑनरोड रहीं। भीड़ से थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन त्योहार ठीक से बीत गया।
हसनपुर-सैदनगली में बसों अड्डों पर भीड़
सैदनगली/हसनपुर। रक्षाबंधन के बाद शनिवार को बहनों की घर वापसी शुरू हुई तो बसों की कमी और भीड़ के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। बस अड्डों और चौराहों पर लंबी कतारें लगी रहीं। समय पर बसें नहीं मिलने से महिलाओं और युवतियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इससे पहले शुक्रवार को बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्वदेशी रक्षासूत्र बांधकर लंबी उम्र की कामना की और चीनी राखियों का बहिष्कार किया। मिठाई व फल की दुकानों पर भीड़ के कारण नगर में पैदल निकलना मुश्किल रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। संवाद