ग्रामीणों ने कब्जा न हटाए जाने पर मंगलवार से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
आदमपुर में यगद नदी पुल के पास में कुछ लोगों ने नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। कुछ ने तो निर्माण कार्य भी कर लिया है। इससे नदी का पुल भी बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि रावणदहन स्थल पर भी कब्जा कर लिया गया है। कब्जे के विरोध में ग्रामीण पहले भी महापंचायत कर चुके हैं। लेकिन, प्रशासन कब्जे जायज बताकर आरोपियों को क्लीनचिट दे रहा है। इसके विरोध में 16 गांवों के ग्रामीणों ने एक बार फिर रविवार को आदमपुर शिव मंदिर पर पंचायत की।
इसमें आरोप लगाया गया कि प्रशासन की शह पर अवैध कब्जा कराया जा रहा है। आरोप यह भी है कि बीते दिनों गांव पहुंचे कानूनगो और लेखपाल ने शिकायतकर्ता पर नदी के कब्जा मुक्त होने की बात लिखकर देने के लिए दबाव बनाया था। पंचायत में बैठे युवा ही खुद निर्माण कार्य को गिराने के लिए चल दिए, लेकिन कुछ समझदार लोगों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत करा दिया। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर एसडीएम का पुतला फूंका और चेतावनी दी कि अगर नदी से अवैध कब्जा नहीं हटवाया गया तो मंगलवार के बाद से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
महापंचायत की अध्यक्षता बाबा ओमपालदास और संचालन राजेंद्र गिरी ने की। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश अग्रवाल, सीताराम, संतोष सैनी, यादाराम, सुरेंद्र शर्मा, चमन सागर, नरेंद्र गिरी, रामस्वरूप, भगीरथ, हरिओम राणा, पीतम आदि मौजूद रहे।