गजरौला(अमरोहा)। दुग्ध उत्पाद बनाने वाली आनंदा डेयरीज में दूध के टैंकरों में दूध कम होने के बावजूद पूरी रिपोर्ट देने वाले केमिस्ट का पुलिस ने चालान कर दिया। वहीं, सफेद दूध के काले कारोबार से जुड़े इस गोरखधंधे में कई अन्य की संलिप्तता होने के बावजूद उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रविवार को पुलिस ने गांव पतेई निवासी वीरपाल का संबंधित धाराओं में चालान कर कोर्ट में पेश किया। उसके खिलाफ आनंदा डेयरीज के यूनिट हेड मनीष शाक्य ने थाने में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत करने की तहरीर दी थी। इसमें कहा गया है कि उसके इशारे में कंपनी में आने वाले दूध के एक टैंकर से 1320 लीटर दूध रास्ते में ही निकाल लिया जाता था और उसी पर्ची पर टैंकर की एंट्री कर पूरे फेट की रिपोर्ट केमिस्ट वीरपाल की ओर से दी जाती थी। शुक्रवार की रात को यह खेल पकड़ में आने के बाद प्रबंधन ने वीरपाल को रंगे हाथों पकड़ लिया था। खास बात यह है कि इस पूरे गोरखधंधे में केवल वीरपाल का नाम ही प्रकाश में आ रहा है। जबकि जानकारों का कहना है कि वीरपाल अकेले इतना बड़ा धंधा नहीं कर सकता है। कंपनी के ही अन्य कारिंदे और अधिकारी भी उसके साथ हैं। हालांकि वीरपाल ने पुलिस को बताया था कि उसने ऐसा पहली बार किया है और ऐसा करने के लिए उसे सेंट्रो कार में आए एक शख्स ने कहा था। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उधर, आनंदा डेयरीज में दूध में खेल का बड़ा धंधा पकड़ में आने के बाद संबंधितों एवं इस कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है।