अमरोहा। 19.5 क्विंटल गेहूं का गबन करने और फर्जी तरीके से नीलाम करके 70 हजार रुपये हड़पने के मामले में तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी और मंडी समिति सचिव समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। न्यायालय के आदेश पर रजबपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रजबपुर थानाक्षेत्र के अतरासी कलां में रहने वाले किसान महताब की बेटी की शादी होने वाली थी। इसलिए 28 नवंबर 2024 को वह अपना गेहूं बेचने के लिए गजरौला मंडी जा रहे थे। जैसे ही वह रजबपुर थाने से पहले हाईवे पर पहुंचे, तभी वहां पूर्ति निरीक्षक अमरोहा के द्वारा गाड़ी को रोक लिया और उनके द्वारा अनुचित लाभ की मांग की गई। महताब ने ऐसा नहीं किया तो वह अपने साथियों के साथ गाड़ी को रजबपुर थाने ले गए। यहां उन्होंने महताब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। साथ ही गाड़ी में रखे गेहूं को कब्जे में लेते समय पूर्ति निरीक्षक शौदान सिंह उनके साथी संजय मिश्रा ने महताब की मौजूदगी में गेहूं को धर्म कांटे पर तोला।
महताब का आरोप है कि इस दौरान गेहूं 119 क्विंटल 50 किलो पाया गया था, लेकिन इन लोगों ने गेहूं हड़पने के उद्देश्य से प्राथमिकी में सिर्फ 100 क्विंटल गेहूं दर्शाया, जबकि उनकी गाड़ी में गेहूं के 200 बोरे भरे हुए थे। प्रत्येक बोर में 60 किलो गेहूं था। आरोप है कि अधिकारियों के द्वारा 19.5 क्विंटल गेहूं का गबन कर लिया। पुलिस ने विवेचना में गेहूं सरकारी खाद्यान्न का नहीं पाया गया। जिस कारण विवेचक ने प्राथमिकी में अंतिम रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित की है।
इस मामले में विवेचक ने अमरोहा मंडी सचिव अरविंद कुमार को रिपोर्ट भेजी तो मंडी सचिव ने 9 अप्रैल 2025 को नोटिस जारी कर दिया। जिसका पीड़ित महताब के द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया। बाद में मंडी सचिव ने महताब के खिलाफ अपराध गठित होने या नहीं होने के संबंध में कोई सूचना नहीं दी। बाद में पीड़ित महताब ने अपना गेहूं रिलीज करने के लिए 19 मई 2025 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया। न्यायालय ने 19 जून 2025 को मंडी सचिव अरविंद कुमार से रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि 14 मई 2025 को अरविंद कुमार के द्वारा 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की नीलामी कर दी गई है। जबकि बाजार में गेहूं की कीमत 2600 रुपये प्रति क्विंटल थी।
मंडी सचिव ने अपने जवाब में यह भी कहा कि उनके द्वारा नीलामी की कार्रवाई जिला पूर्ति अधिकारी के आदेश पर की गई है। किसान महताब ने आरोप लगाया कि जिला पूर्ति अधिकारी अमरोहा, मंडी सचिव अरविंद कुमार, जिला पूर्ति निरीक्षक शौदान सिंह, उनके सहायक संजय मिश्रा के द्वारा षड्यंत्र करके 19.5 क्विंटल गेहूं का गबन किया गया। साथ ही गेहूं की फर्जी नीलामी कम कीमत में कराकर 70 हजार रुपये की रकम हड़प ली है।
मामले को गंभीरता से लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रजबपुर पुलिस को जिला पूर्ति अधिकारी, मंडी सचिव अरविंद कुमार, जिला पूर्ति निरीक्षक शौदान सिंह, सहायक पूर्ति निरीक्षक संजय मिश्रा के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए थे। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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साबिर के नाम दिखाई गई नीलामी
पीड़ित महताब ने साकिर नाम के व्यक्ति से नीलामी के संबंध में पता किया तो उसने नीलामी के संबंध में जानकारी से ही इंकार कर दिया। साकिर ने बताया कि मंडी सचिव अरविंद कुमार के द्वारा उन्हें मंडी में बुलाकर हस्ताक्षर कराए थे।
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पुलिस ने नहीं की थी कार्रवाई
इस मामले में महताब ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। लिहाजा, उन्होंने न्यायालय की शरण ली।