कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले तिगरी गंगा मेले में दूर दराज के श्रद्धालु पतित पावनी गंगा में स्नान कर पुण्य कमाने के लिए आते हैं। कई दिन तक तंबुओं का शहर बस जाता है। गंगा किनारे सर्दी अधिक लगती है जिसके कारण श्रद्धालुओं के बीमार होने की संभावना अधिक रहती है।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को समय पर उपचार मुहैया कराने के लिए मेले में आठ बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें चार बेड महिला श्रद्धालुओं और चार बेड पुरुष श्रद्धालुओं के लिए बनाए जाएंगे। अस्पताल में 40 डॉक्टर तैनात रहेंगे। डॉक्टरों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजिशियन मौजूद रहेंगे। इसके अलावा चार एंबुलेंस भी मेले परिसर में उपलब्ध रहेंगी। एक एंबुलेंस कुमराला व एक कांकाठेर में खड़ी की जाएगी। एडवांस लाइव सपोर्ट दो एंबुलेंस भी मेले में लगाई जाएंगी।
- मेले के अस्पताल में प्रसव की भी सुविधा रहेगी। किसी महिला श्रद्धालु को प्रसव पीड़ा होने पर परेशान होने की जरूरत नहीं होगी, मेले में ही उसका प्रसव कराया जाएगा। मेले में बनने वाले अस्पतालों के लिए दवाइयों की मांग की गई है। - डॉ. योगेंद्र सिंह, सीएचसी प्रभारी
तिगरी मेले के लिए काटी जाने लगी गन्ने की फसल
गजरौला।
तिगरी गंगा मेला स्थल पर खड़ी गन्ने की फसल को किसान काटने लगे हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी सड़क बनाने में लगे हैं।
मेला स्थल पर 900 बीघे में गन्ने की फसल खड़ी है जिससे मेले की तैयारियों में बाधा उत्पन्न हो रही है। उधर, जिला प्रशासन का जोर जल्द से जल्द मेले की तैयारियां पूरी करने पर है। एसडीएम विभा श्रीवास्तव ने किसानों के बीच जाकर उनको फसल काटने और खेत खाली करने के निर्देश दिए। जिस पर किसानों ने गन्ने की फसल को काटना शुरू कर दिया। उधर लोक निर्माण विभाग ने सदर रोड, गंगा रोड बनाने के लिए निशान लगाना शुरू कर दिया। लोक निर्माण विभाग के एई बलजीत सिंह ने बताया कि करीब दो दिन में यह तय हो जाएगा कि मेले में किस सड़क की कितनी लंबाई रहेगी। संवाद