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Amroha News: तत्कालीन दो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एसडीम, तहसीलदार समेत 13 के खिलाफ न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया

Thu, 22 Feb 2024 02:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। सदर तहसील में तैनात रहे दो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल समेत 13 लोगों के खिलाफ न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया गया है। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष और उनका चचेरा भाई भी शामिल है। सभी पर जमीन को लेकर धोखाधड़ी, गलत तरीके से जमीन के कुर्रे करने और नियम विरुद्ध आदेश पारित करने का आरोप लगा है। जिसके आधार पर न्यायालय ने नगर कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
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अमरोहा नगर के मोहल्ला हक्कानी में फजल अंसारी का परिवार रहता है। उनका आरोप है कि खाता संख्या 2224, गाटा संख्या 1674 में 0.0246 हेक्टेयर जमीन का मालिक और सहखातेदार है। इसके अलावा अमरोहा खास बाहर चुंगी स्थित जमीन में चार अलग-अलग खाते हैं। जिसके सहखातेदार भी अलग-अलग व्यक्ति हैं। अमरोहा के रहने वाले अतुल कुमार, मुकुल कुमार, पवन कुमार को इस जमीन में 4/15 भाग का मालिक बताया जाता है। चारों ने अपने खातों की जमीन को बेचने का इकरार दिल्ली के फतेहपुरी बेरी थाना क्षेत्र के असौली गांव निवासी सुनील से कर लिया। सुनील भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर का चचेरा भाई है। आरोप है कि सौदा करने के बाद अतुल कुमार, कमल कुमार, मुकुल कुमार और सुनील कुमार ने अमरोहा नगर के तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी से साठगांठ कर ली।
इसके बाद चारों से चार अलग-अलग खातों के विभाजन का एक संयुक्त वाद अपने न्यायालय में प्रस्तुत करा लिया। शशांक चौधरी को राजस्व अधिकारी होने के नाते इसकी जानकारी थी कि चारों खाता संख्या में अलग-अलग वाद दायर होने चाहिए। लेकिन उन्होंने जानबूझकर चारों खातों का विभाजन का एक ही वाद स्वीकार कर लिया। साथ ही हल्का लेखपाल को कुर्रे बनाकर दाखिल करने का आदेश दिया। हल्का लेखपाल नरेंद्र सिंह को चारों अलग-अलग खातों के नियमानुसार अलग-अलग कुर्रे बनाने चाहिए थे, लेकिन लेखपाल भी उस षड्यंत्र में भागीदार था, इसलिए उसने चार गाटा संख्याओं के कुर्रे बनाने के स्थान पर मात्र दो कुर्रे बना दिए, जो नियम विरुद्ध है। कुर्रेबंदी के समय तक शशांक चौधरी का स्थानांतरण दूसरे जनपद में हो गया। उनके स्थान पर विजय शंकर को नया उप जिलाधिकारी बनाया गया।
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सुनील कुमार व जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर प्रभावशाली व्यक्ति हैं। जिनके प्रभाव में आकर विजय शंकर मिश्रा ने खातों एवं भूमि का अध्ययन किए बिना ही जानबूझकर फजल पक्ष को नहीं सुना और एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया। इस मामले में तहसीलदार भूपेंद्र सिंह द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियम विरुद्ध तरीके से दाखिल खारिज कर दिया गया। अतुल कुमार, मुकुल कुमार, कमल कुमार और सुनील कुमार द्वारा अवैध लाभ कमाने के लिए छलकपट किया गया। आरोप है कि 3 फरवरी 2024 को सुबह 7 बजे तीन अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आए और घर का समान तोड़ दिया। पीड़ित फजल के साथ मारपीट की और धमकी देते हुए कहा कि अगर तहसीलदार भूपेंद्र के खिलाफ कोई प्रार्थना पत्र दिया तो जान से मार देंगे। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। लिहाजा पीड़ित फजल अंसारी ने न्यायालय की शरण ली। साथ ही सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने नगर कोतवाली पुलिस से सभी 13 लोगों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह पर नक्शा स्वीकार करने का आरोप
अमरोहा। पीड़ित फजल अंसारी ने विनियमित क्षेत्र अमरोहा/ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह द्वारा नियम विद्युत तरीके से नक्शा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए स्वीकृत कर दिया। इसके बाद अलग-अलग खातों की जमीन को एक साथ अवैध कब्जा कराने के उद्देश्य से राजस्व कर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
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इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग
तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी
तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह
तत्कालीन एसडीएम विजय शंकर मिश्रा
तत्कालीन तहसीलदार भूपेंद्र सिंह
लेखपाल नरेंद्र सिंह
जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर
शौकीन मन्सूरी
अनुज कुमार राणा
प्रखर प्रताप सिंह
सुनील कुमार
मुकुल कुमार
अतुल कुमार
कमल कुमार
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