कुपोषित बच्चों के आहार
- तीन साल के बच्चे को 24 घंटे में 2 कप दूध, दो कटोरी दाल, 3-4 कटोरी मिक्स अनाज 6 से 8 बार खिलाना ठीक रहता है।
- बच्चों को साफ पानी ही देना चाहिए।
- कोई भी संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- छह माह के बच्चों को मां के दूध के अलावा दो कटोरी मसला हुआ खाना दिनभर में थोड़-थोड़ा कर के खिलाना चाहिए।
- आठ से दस महीनों के बच्चों को मां के दूध के अलावा तीन कटोरी प्रोटीन युक्त खाना दिनभर में खिला देना चाहिए।
- हर मौसम में विभिन्न मौसमी फलों या उनके रस को बच्चों को दें।
कुपोषण के लक्षण
- जन्म के समय दो किलो से कम वजन होना
- बच्चे में चिड़चिड़ापन और सुस्ती रहना
- बार-बार बीमारियों की चपेट में आना
- बच्चे में उम्र के साथ वजन न बढ़ना
- कई बच्चे ऐसे होते हैं, जो खाया पिया नहीं पचा पाते
इस तरह करें बचाव और बरतें सावधानी
- रोगों से बचाने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
- नौ माह की आयु तक बच्चे को मां अपना दूध पिलाएं
- जन्म से लेकर दो साल तक बच्चे रोज तीन कप दूध दें
- रोजाना दो कटोरी दाल और दलिया दिया जाए
- बच्चे को उबला हुआ पानी ठंडा कर पिलाएं
अत्यंत कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार दिलाया जाता है। इसमें अभिभावकों को भी गंभीरता दिखानी चाहिए। सही देखभाल से बच्चा जल्दी ही कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ जाता है। विभाग समय-समय पर केंद्रों पर बच्चों वजन तौलने के अलावा चेकअप भी कराता है। -संजीव कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी