यहां पर सेंटर का प्रचार-प्रसार भी करता था। कोचिंग सेंटर पर प्रशांत नाम के युवक ने भी फॉर्म भरा था। बुधवार की दोपहर करीब बारह बजे प्रशांत ने फॉर्म भरने के बहाने अरुण को गांधी मूर्ति चौराहे पर बुलाया था। इस दौरान प्रशांत नाम के युवक ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अरुण का अपहरण कर लिया।
यहां से उसे बंधक बनाकर एक कॉलेज के मैदान में ले गए और यहां अरुण को धमका कर 3800 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। बाद में चारों अभियुक्त अरुण से और रुपयों की डिमांड करने लगे। पीड़ित अरुण ने रुपये नहीं होने की बात कही तो अभियुक्तों ने कोचिंग सेंटर मैनेजर प्राची उपाध्याय से खाते में दस हजार रुपये ट्रांसफर कराने के लिए दवाब बनाया।
इस दौरान अभियुक्तों ने अरूण के फोन से ही कोचिंग सेंटर मैनेजर से प्राची से फिरौती के रुपयों की सौदेबाजी की। पहले दो हजार रुपये मांगे, इसके बाद डिमांड बढ़कर 5000 रुपये पहुंच गई। इसके थोड़ी देर बाद अभियुक्तों ने 10 हजार रुपये मांगने शुरू कर दिए।
छात्र के अपहरण के बाद प्राची उपाध्याय ने मामले की शिकायत टीपी नगर चौकी पुलिस से की। पुलिस ने अरुण के मोबाइल नंबर की लोकेशन निकलवा कर अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी। इसके बाद चारों अभियुक्त अरुण को लेकर शाह विलायत दरगाह चौराहे पर पहुंचे।
यहां से छिपते हुए ईदगाह के पास पहुंचे और अरुण को एक मकान में बंद कर लिया। साथ ही अभियुक्तों ने कोचिंग सेंटर मैनेजर प्राची उपाध्याय को आखिरी बार कॉल करने की धमकी दी और फिरौती की रकम 50 हजार रुपये नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद कोचिंग सेंटर मैनेजर प्राची उपाध्याय अपने स्टाफ के साथ ईदगाह के पास पहुंचीं और चारों अभियुक्तों को रुपये देने के बहाने बुलाकर पकड़ लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर छात्र अरुण को से कुशल बरामद कर लिया।
सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि अपहरण कर रुपये मांगने के इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चारों अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है। इसमें एक अभियुक्त डिडौली का और तीन नौगांवा सादात क्षेत्र के हैं।
कोचिंग सेंटर की मैनेजर की सूझबूझ से सकुशल बरामद हुआ अरुणकोचिंग सेंटर की मैनेजर प्राची उपाध्याय ने नारी सशक्तिकरण की एक मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने सेंटर पर कोचिंग करने वाले अरुण के अपहरण की जैसे ही कहानी सुनी तो वह बेझिझक उसकी तलाश में जुट गईं। पुलिस को घटना से अवगत कराया।
साथ ही अभियुक्तों की धमकी और पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की। यह रिकॉर्डिंग प्राची उपाध्याय ने पुलिस को दी हैं। इतना ही नहीं जहां से अरूण को सकुशल बरामद कर अभियुक्तों को पकड़ा गया वहां भी प्राची सबसे आगे थीं।
अभियुक्तों ने अरुण के फोन से लाउडस्पीकर पर की बात, पुलिस को गाली भी दीं
अभियुक्तों ने अरुण के अपहरण के बाद उसी के फोन पर कोचिंग सेंटर मैनेजर प्राची उपाध्याय से बात की। लाउडस्पीकर पर बातचीत के दौरान अरुण बेहद घबराया हुआ था। वह बार-बार प्राची उपाध्याय से कह रहा था कि मैडम मेरे फोन पर रुपये भेज दो यह लोग मुझे छोड़ देंगे।
शुरुआत में लग रही थी मनगढ़ंत कहानी
अरुण के अपहरण की कहानी शुरुआत में मनगढ़ंत लग रही थी। लेकिन, पूरी स्क्रिप्ट समझ में आने के बाद पुलिस के होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस ने चारों अभियुक्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर ली।