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Amroha Seat: वोटरों की चुप्पी से बढ़ी प्रत्याशियों की बेचैनी, वादों पर पैनी निगाह...खामोशी से कर रहे आकलन

Thu, 25 Apr 2024 01:56 PM IST
विमल शर्मा अनिल चौहान, अमरोहा

सार

अमरोहा में दूसरे चरण यानि 26 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। पोलिंग पार्टियों को केंद्रों की तरफ रवाना कर दिया गया है। दूसरी तरफ मतदाताओं की खामोशी से प्रत्याशियों की बैचेनी बढ़ा दी है। वह वोटरों को लुभाने के लिए हर जतन कर रहे हैं। 
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रामपुर में मतदान (file) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरोहा में लोकसभा चुनाव के लिए खूब जोर आजमाइश चल रही है, लेकिन मतदाता किसे सांसद चुनेंगे। यह मतगणना से ही स्पष्ट होगा। शहर और देहात में मतदाताओं में उत्साह नहीं दिख रहा। ऐसा माना जा रहा है प्रत्याशियों के वादों पर उनकी पैनी निगाह है।

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मतदाताओं की चुप्पी से प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। प्रत्याशी उलझन में हैं। मतदाताओं की खामोशी क्या गुल खिलाएगी, ये  4 जून को चुनाव परिणाम आने के बाद मालूम होगा। अमरोहा से 12 प्रत्याशी चुनावी समर में हैं।

इनमें भाजपा से कंवर सिंह तंवर, कांग्रेस-सपा गठबंधन से दानिश अली, बसपा से डॉ. मुजाहिद हुसैन, निर्दलीय दानिश, काशिफ हुसैन, नईमुद्दीन, नरेंद्र सिंह, सुरेश, जीतपाल राणा, कुमदेश कुमार, कुशाग्र और अखिल भारतीय परिवार पार्टी से सुहेल हैदर शामिल हैं।
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जिले में 26 अप्रैल को मतदान हैं। भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी अमरोहा में जनसभा कर चुके हैं।

वहीं, गठबंधन प्रत्याशी के  लिए राहुल गांधी और अखिलेश यादव और आप सांसद संजय सिंह, जबकि मायावती बसपा प्रत्याशी के लिए जनसभा कर चुकी हैं। बावजूद जनता का मूड खुल कर सामने नहीं आ रहा है। 

ऐसा माना जा रहा है कि मतदाता हर प्रत्याशी का आकलन करने में जुटे हैं कि समस्याओं से कौन निजात दिला सकता है। लिहाजा सभी के दावों पर मतदाता खामोशी से पैनी निगाह जमाए हुए हैं। मतदाताओं की चुप्पी से माहौल समझ पाना प्रत्याशियों के लिए मुश्किल हो रहा है।

मुरादाबाद में मतदान (file) - फोटो : अमर उजाला

दलित वोट पर सभी दलों की है नजर
लोकसभा सीट पर मुख्य पार्टियों के प्रत्याशियों ने रात-दिन एक कर दिया है। इस बार बसपा और कांग्रेस-सपा गठबंधन के साथ भाजपा भी दलित और मुस्लिम मतदाताओं को साधने का प्रयास करती रही।

भाजपाइयों का दावा है कि उनकी सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, उनसे प्रेरित होकर दलित और मुस्लिम समाज भी अब भाजपा के साथ जुड़ गया है। जबकि बसपा के साथ उसका दलित वोट बैंक एकजुट दिख रहा है, वहीं मुस्लिम मतदाताओं को भी अपने पक्ष में होना मान रहे हैं। जबकि कांग्रेस-सपा गठबंधन की भी दलित वोट पर नजर है।

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मुरादाबाद में मतदान (file) - फोटो : अमर उजाला
पूर्व के लोकसभा चुनाव

वर्ष 2014
भाजपा        कंवर सिंह तंवर    528880
सपा           हुमैरा अख्तर        370666

वर्ष 2019
बसपा          दानिश अली        601082
भाजपा        कंवर सिंह तंवर    537634
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