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अमरोहा बिन सूना है संगीत का ‘साज’

Tue, 19 Dec 2017 01:53 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला /अमरोहा।
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अमरोहा एक कारखाने में ढोलक तैयार करता कारीगर।
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लकड़ी के बने म्यूजिक इंस्टूमेंट बिना संगीत अधूरा है। ऐसे ही अमरोहा बिना संगीत का ‘साज’ भी सूना है। वुडेन इंस्टूमेंट में अमरोहा अहम रोल है। यहा ढोलक, तबला ही नहीं सितार में लगने वाली खूंटी भी बनती है। इसके अलावा वीणा का तोंबा और ड्रम बजाने के लिए डंडी भी बनाई जाती है। बिना खूंटी न तो सितार बजेगा और न ही तोंबा बिना वीणा।
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अमरोहा में बनने वाले ढोलक और तबले देश दुनिया में प्रसिद्ध है। सालों से चला आ रहा यह काम आज भी हो रहा है। यहां बने ढोलक सऊदी अरब, कनाडा, यूएस, ईरान सहित दूसरे देशों में भेजे जाते हैं। जो संगीत की दुनिया में अमरोहा की शान बढ़ाते हैं। ढोलक और तबले के अलावा दूसरे वुडेन इंस्टूमेंट के जरूरी उपकरणों की भी सप्लाई अमरोहा से की जाती है। सितार की खूंटी हो या वीणा का तोंबा, या फिर ड्रम बजाने की लकड़ी। यह सभी चीजें अमरोहा में ही बनती है। बिना इसके सितार, वीणा और ड्रम अधूरे हैं। 
लकड़ी हस्तकला एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शक्ति कुमार अग्रवाल ने बताया कि अमरोहा के बिना संगीता का साज अधूरा है। यहां के बने ढोलक तबले की थाप देश ही नहीं विदेशों में भी सुनाई पड़ते हैं। इसके अलावा वुडेन इंस्टूमेंट के दूसरे उपकरणों में भी अहरोहा का योगदान है। सितार की खूंटी, वीणा में इस्तेमाल होने वाला तोंबा, ड्रम की डंडी भी यहां बनाई जाती है।
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