लिवर की बीमारी के चलते मानसिक रूप से परेशान हामिदपुरा गांव के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह सैनी (55) ने लाइसेंसी राइफल से गोली मार ली। लहूलुहान हालत में परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन बचाया नहीं जा सका। मौके पर पहुंची पुलिस ने राइफल को कब्जे में ले लिया है।
पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। जगदीश सिंह सैनी वर्तमान में सैनी सभा के जिलाध्यक्ष भी थे। साथ ही सब्जी मंडी में आढ़त भी चलाते थे। उनके परिवार में पत्नी कमलेश देवी के अलावा दो बेटे और एक बेटी है।
उनका बड़ा बेटा अमित सैनी पिता जगदीश सिंह सैनी के साथ आढ़त पर रहते थे। छोटे बेटे योगेश सैनी रेलवे में सुरक्षा गार्ड हैं। बेटी ज्योति सैनी की शादी मुजफ्फरनगर जनपद में हुई है। पुलिस के मुताबिक जगदीश सिंह सैनी पिछले काफी समय से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे।
बृहस्पतिवार की रात परिवार के साथ वह खाना खाकर सोए थे। शुक्रवार की सुबह उठने के बाद टहलकर भी आए थे। करीब छह बजे उन्होंने घर के कमरे में अपनी ही लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य कमरे में पहुंचे तो वह औंधे मुंह जमीन पर पड़े थे।
पास में ही उनकी लाइसेंसी राइफल पड़ी थी। परिवार के लोग लहूलुहान हालात में जगदीश सिंह को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीओ अवधभान भदाैरिया ने बताया कि जगदीश सिंह लिवर की बीमारी के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते थे।
बीमारी से परेशान होकर उन्होंने अपनी ही लाइसेंस से राइफल से आत्महत्या कर ली है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। लाइसेंसी राइफल को कब्जे में ले लिया गया है। फिलहाल, मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।