पतित पावनी गंगा मैया के घाट आस्था से सराबोर है। चहुंओर आस्था, उमंग, उल्लास और संस्कृति के विभिन्न रंग हैं।परंपरा के साथ आधुनिकता की बहार दिखाई पड़ रही है। लोग तट पर मां गंगा के आंचल में पहुंच रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, भैंसा बुग्गी, कारों, मैक्स, मैजिक व बाइकों से आकर तिगरी में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। हाईवे से लेकर तिगरी रोड, कांकाठेर से मेला मार्ग पर श्रद्धालुओं के वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। देर रात तक करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। उधर, एक नवंबर को गंगा का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान प्रभारी मंत्री केपी मलिक भी मौजूद रहेंगे।
तिगरी मेले में लगातार श्रद्धालुओं का कारवां बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ भोर से ही उमड़ना शुरू हो गई। तड़के से ही श्रद्धालु स्नान को घाटों पर पहुंच गए, यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। सुबह घाटों पर पैर रखने को जगह भी मुश्किल से मिल पा रही थी। श्रद्धालुओं ने गंगा मैया को नमन करते हुए डुबकी लगाई। युवाओं ने गंगा के टापू पर लुत्फ उठाया। युवा एक-दूसरे पर गीले रेत और पानी की बौछार करते दिखाई पड़े।
गंगा में पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की गई। श्रद्धालुओं का रेला तिगरी की ओर बढ़ रहा है। इस समय पूरा तिगरी मेला दूधिया रोशनी में नहाया हुआ है। उधर, डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसपी अमित कुमार आनंद ने घाटों का दौरा कर सुरक्षा का जायजा लिया। फिजा में मानो तो मैं गंगा मां हूं... न मानो तो बहता पानी... जैैसे गंगा मां के गीतों से गूंज सुनाई पड़ रही है।