दबंगों का सहयोग करने के मामले में एसपी ने रजबपुर थाने के एसएसआई व अतरासी चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की बजाय पीड़ित किसान को ही थाने में बैठाने का आरोप है। जिसका फायदा उठाकर दबंगों ने पीड़ित की खेत में लगी फसल जोत दी।
एसपी के आदेश पर दबंगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। नाजरपुर नाईपुरा निवासी अमरपाल सिंह की गांव में पैतृक भूमि है। आरोप है कि रसूलपुर गांव निवासी चरन सिंह, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, लंबिया निवासी रविंद्र सिंह व नाजरपुर नाईपुरा निवासी पिंटू उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
आरोपी उन्हें गांव छोड़ने की धमकी दे रहे है। 17 दिसंबर की रात दो बजे आरोपियों ने अवैध असलहों के बल पर अमरपाल सिंह की गन्ने और सरसों की फसल बर्बाद कर दी। विरोध करने पर अमरपाल सिंह जान से मारने की कोशिश की गई।
पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी भाग गए। आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई न करके पीड़ित किसान को ही थाने में बैठा लिया। आरोपी कोर्ट में चल रहा मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित किसान ने एसपी कुंवर अनुपम सिंह से मामले की शिकायत की। उनके निर्देश पर चरन सिंह, भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह और पिंटू के खिलाफ रिपोर्ट हत्या की कोशिश व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
मामले में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने जांच कराई तो रजबपुर थाने के एसएसआई अभिलाष प्रधान, अतरासी चौकी इंचार्ज विकास त्यागी, पीआरबी तैनात हेड कांस्टेबल लोकेंद्र, अरविंद और बीट सिपाही इरशाद चौधरी की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
इन पुलिसकर्मियों ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। मामले में सीओ सिटी अरुण कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।