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UP: गोद ली बहन के साथ हुआ झगड़ा, गुस्से में भाई के सिर पर मारा डंडा, बेहोश हुआ तो रस्सी से गला घोंट जान ले ली

Sun, 12 May 2024 12:41 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

Amroha Chirag murder case: अमरोहा पुलिस ने केतवाली पंडकी गांव में हुए चिराग हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि गोद ली बहन से ही 12 वर्षीय चिराग को मार डाला था। नाबालिक बहन को गिरफ्तार कर लिया गया है। किशोरी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। 
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जान गंवाने वाला चिराग और घटना के बाद बिलखती उसकी मां - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरोहा के केतवाली पंडकी गांव में दंपती ने जिस लड़की को गोद लिया था, उसने ही उनके घर का चिराग बुझा दिया। दंपती के पुत्र चिराग (12) की खता सिर्फ इतनी थी कि उसने गोद ली गई फुफेरी बहन से माता-पिता के कहने पर खेत पर जाने के लिए कह दिया था। इसी पर भड़की किशोरी ने चिराग से झगड़ा किया। 

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झगड़े के दौरान किशोरी ने चिराग की गर्दन पर डंडा मारा, जिससे वह बेहोश होकर मुंह के बल गिर गया। यह देख घबराई किशोरी ने प्लास्टिक की रस्सी से चिराग की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बालक चिराग हत्याकांड का खुलासा किया।

सीओ ने बताया कि देहात थानाक्षेत्र केतवाली पंडकी गांव में चौबीस घंटे के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई थी। आठ मई को गांव के ही बारह वर्षीय चिराग का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
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इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। सीओ अंजलि कटारिया ने बताया कि चिराग के पिता राजू और मां खेमवती दोनों दिव्यांग है। दोनों ही गांव में किराए की दुकान में कपड़ों की सिलाई करते हैं। 12 वर्षीय चिराग कक्षा तीन में पढ़ता था।

उसकी बहन कक्षा पांच और छोटा भाई जय भी उसी स्कूल में कक्षा एक में पढ़ते थे। बुधवार को तीनों भाई बहन स्कूल नहीं गए थे। राजू और उनकी 15 वर्षीय बेटी तड़के में खेत पर काम करने चले गए थे। जिसके बाद सुबह करीब नौ बजे चिराग और उसका छोटा भाई जय साइकिल से  खाना पहुंचा कर आए थे।

खेत से लौटने के बाद दोनों भाई अपनी मां खेमवती के पास दुकान पर रुक गए थे। पीछे से उनकी बहन भी घर आ गई थी लेकिन तभी राजू ने खेमवती को फोन करके लड़की को खेत पर भेजने के लिए कहा।  तभी खेमवती के कहने पर चिराग अपनी बहन को खेत पर जाने को कहने के लिए घर पहुंचा।

इसी बात पर चिराग और उसकी बहन के बीच झगड़ा हुआ। तभी गुस्से में आकर बहन ने चिराग के गर्दन में पीछे डंडा मार दिया। जिससे चिराग बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा।  मुंह के बल गिरने के कारण उसके चेहरे पर चोट लग गई।

जिसके बाद उसकी बहन घबरा गई और प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में अकेले ही चिराग के शव को दीवार और ईंटों के देर के बीच डाल दिया। इसके बाद घर के बाहर निकल कर शोर मचा दिया था।

सीओ के मुताबिक गुस्से में आकर गोद ली हुई फुफेरी बहन ने ही चिराग की हत्या की थी। पूछताछ के दौरान उसने अपने माता-पिता के सामने ही चिराग की हत्या की घटना को कबूल किया है। सीओ ने बताया कि घटना का खुलासा कर किशोरी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। 

 राजू ने गोद ले लिया है बहन की लड़की को
सीओ अंजलि कटारिया के मुताबिक राजू और खेमवती की शादी वर्ष 2006 में हुई थी। चार साल तक उनके कोई संतान नहीं हुई तो राजू ने वर्ष 2010 में अपनी बड़ी बहन से एक बेटी गोद ली थी। इस दौरान ये बच्ची केवल आठ दिन की थी लेकिन बाद में हेमवती ने चिराग और जय को जन्म दिया। बाद में तीनों भाई-बहन एक साथ रहते थे।

दो बार घर छोड़कर जा चुकी थी किशोरी
पुलिस के मुताबिक किशोरी बहुत गुस्सैल है। पूछताछ के दौरान भी किशोरी के चेहरे पर गुस्सा देखा गया। इतना ही नहीं दो बार किशोरी घर छोड़कर जा चुकी थी। एक बार उसने अपने ही अपहरण का झूठा नाटक रच दिया था। 
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सौतेली कहकर चिढ़ाते थे दोनों भाई
पुलिस की पूछताछ के दौरान ये भी सामने आया कि चिराग और उसका भाई जय गोद ली हुई अपनी बहन को सौतेली कहकर चिढ़ाते थे। जिसके चलते भाई-बहनों में झगड़ा होता रहता था। जिसके चलते किशोरी अक्सर गुस्से में रहती थी।
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