अमरोहा। जिस स्कूल वैन में नियम विरुद्ध तरीके से स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा था उसमें एलपीजी किट लगी थी। गनीमत रही हादसे के समय एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्कूली वैन का पॉल्यूशन भी एक्सपायर हो चुका है। इतना ही नहीं मार्च 2024 से एक हजार रुपये का चलन भी बकाया है।
आरटीओ महेश शर्मा के मुताबिक हादसे वाली वैन संभल जनपद के भरताल सिरसी के रहने वाले सोमपाल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस निजी वैन को कामर्शियल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। वैन पर न तो स्कूल का नाम लिखा था और न स्कूल वाहन संबंधित कोई मानक पूरे थे। स्कूली बच्चों को ढोने वाली वैन के फिटनेस व अन्य कागज पूरे हैं लेकिन उसका कामर्शियल के रूप में इस्तेमाल करना अवैध है।
इस वैन का संभल एआरटीओ कार्यालय में 20 नवंबर 2016 को रजिस्ट्रेशन हुआ था जबकि इसकी फिटनेस 17 जनवरी 2026 तक है। 19 नवंबर 2021 तक इसका टैक्स वैलिड है जबकि नौ जनवरी 2026 तक इंश्योरेंस है। 16 जुलाई 2025 को इसका पॉल्यूशन समाप्त हो चुका है। यह गाड़ी पेट्रोल और एलपीजी की है। हादसे के समय भी वैन में एलपीजी किट लगी थी। गनीमत रही एक्सीडेंट के दौरान एलपीजी सिलेंडर नहीं फटा वरना बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। एआरटीओ महेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में स्कूल प्रबंधक और वन मालिक दोनों से जवाब मांगा जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल वाहन के लिए यह हैं मानक
एआरटीओ ने बताया कि वाहन मानक विहीन अनफिट, सीटिंग क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को लाते या ले-जाते पाए जाने पर वाहन मालिक, विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसके लिए समस्त उत्तरदायित्व वाहन मालिक और विद्यालय प्रबंधन का होता है। स्कूल वाहन पीले रंग का हो, स्कूल का नाम लिखा हो, बसों में दो एवं वैन में एक अग्निशमन यंत्र अवश्य हो। फर्स्ट एड बॉक्स अवश्य हो। गति सीमा यंत्र लगा होना चाहिए। नियमानुसार सीट बेल्ट का प्रावधान है। प्रेशर हॉर्न मल्टीटोन हॉर्न नहीं लगा होना चाहिए। स्कूल बसों में आपातकालीन खिड़की द्वार अवश्य हों, स्कूल बसों की खिड़की पर स्टील की छड़ क्षैतिज लगी हो। स्कूल बसों में सीट के नीचे स्कूल बैग रखने की जगह भी होनी चाहिए। बसों के प्रवेश द्वार पर हैंडरेल लगा हो और वाहन पर पुलिस, फायर, एंबुलेंस, हॉस्पिटल, प्रबंधक, प्रधानाचार्य, चालक, परिचालक का नंबर अंकित होना अनिवार्य है।