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अमरोहा: चाैकी के पास सो रहे कक्षा नौ के छात्र को वाहन ने कुचला, तड़पता रहा घायल, पुलिस और एंबुलेंस नहीं पहुंची

Thu, 04 Sep 2025 03:27 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, गजराैला (अमरोहा)

सार

कुमराला चौकी के पास तख्त पर सो रहे सलेमपुर गौसाईं निवासी कक्षा नौ के छात्र को डीसीएम चालक ने लापरवाही से कुचल दिया। हादसे के बाद न तो चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और न ही सरकारी एंबुलेंस आई। घायल करीब आधे घंटे तक तड़पता रहा। 
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गजराैला में छात्र की माैत - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कुमराला चौकी के निकट तख्त पर सो रहे सलेमपुर गौसाईं गांव निवासी कक्षा नौ के छात्र सौरभ (16) को डीसीएम के चालक ने लापरवाही से पीछे हटाते हुए कुचल दिया। मौका पाकर चालक डीसीएम लेकर भाग गया। घायल आधे घंटे तक तड़पता रहा। चौकी के पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे और सरकारी एंबुलेंस भी नदारत रही। वन निगम का कर्मचारी एक पड़ोसी की कार मांग कर घायल को चौधरपुर ले गया, लेकिन देर हो जाने के कारण छात्र की मौत हो गई। 

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चंद्रपाल सैनी कुमराला चौकी के निकट खाना बनाने का ठेला लगाते हैं। उनका बेटा कक्षा नौ का छात्र सौरभ पिता के साथ काम में हाथ बंटाता था। पिता-पुत्र रात को ठेले के निकट पड़े तख्त पर ही सो जाते थे। रोजाना की तरह बुधवार रात तख्त पर सो रहे थे। ग्राम प्रधान ओमकार सिंह और छात्र के मामा के मुताबिक बृहस्पतिवार करीब 3 बजे की घटना है। एक डीसीएम, जिसे धनौरा जाना था। भूलवश उसका चालक तिगरी की तरफ कुछ मीटर दूर ले गया।

पता चलने पर वह डीसीएम को पीछे कर रहा था। मगर उसने तख्त पर सो रहे छात्र का ध्यान नहीं किया। इस दौरान आरोप है कि डीसीएम ने उसे कुचल दिया। चीख पुकार मचने पर चालक डीसीएम को लेकर भाग गया। वहां पर मौजूद लोगों ने मदद के लिए पुलिस को पुकारा। मगर चौकी से कोई पुलिस कर्मी नहीं पहुंचा। इस बीच मौका पाकर चालक डीसीएम को लेकर भाग गया। उधर सरकारी एंबुलेंस को भी फोन किया, लेकिन उसका चालक एंबुलेंस लेकर मौके पर नहीं पहुंचा।

उधर घायल तड़पता रहा। न तो मदद के लिए चौकी के पुलिस कर्मी पहुंचे और न ही घायल को अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस आई। जिस पर बराबर में ही कमरे में सो रहे वन निगम के कर्मचारी शहजाद देवदूत बन गए। वह दौड़कर मौके पर गए। उन्होंने तुरंत पड़ोसी से कार मांगी।

जिससे घायल को लेकर चौधरपुर स्थित निजी अस्पताल में गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। छात्र ने उपचार के दौरान कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। परिजन थाने पहुंचे। पुलिस को तहरीर दी। तब पुलिस को हादसे की जानकारी हुई। सीओ अंजलि कटारिया का कहना है कि हादसे में छात्र की मौत की जानकारी है। पुलिस कार्रवाई की जा रही है। 
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परिजन बोले एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो बच सकती थी जान
छात्र के साथ हादसा हो जाने पर उसके पिता व अन्य ने सरकारी एंबुलेंस को फोन किया। वह मौके पर नहीं गया। हादसे का पता लगने पर गए वन निगम के कर्मचारी शहजाद ने भी एंबुलेंस को फोन किया। मगर किसी का फोन नहीं उठा। उनका कहना है कि 40 मिनट बाद चालक का उन पर फोन आया।

उन्होंने आपातकालीन सेवा के कर्मचारी को इतनी देर में फोन वापस नहीं करना चाहिए, यह बात की, लेकिन चालक ने तुरंत फोन काट दिया। ग्राम प्रधान व मृतक के परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो छात्र की जान बच सकती थी। सीएमओ को कई बार फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। सीएचसी प्रभारी डॉ.योगेंद्र सिंह ने बताया कि वह अमरोहा मीटिंग में हैं। एंबुलेंस चालक की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। 

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