अपहरण के बाद आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर बाहर था न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है। ये घटना 16 मई 2019 को गजरौला थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है।
अमरोहा। घटना के बाद दोषी मूलचंद उर्फ मूले भाग हो गया था। किसी ने उसे देखा भी नहीं था। एफआईआर के आधार पर पुलिस विवेचना कर रही थी। परिजन भी आरोपी से अनजान थे। तभी खुद दोषी की मां पीड़ित परिवार के घर पहुंची और अपने बेटे मूलचंद उर्फ मूले के करतूत पर अफसोस जताने लगी।
माफी भी मांगी। इस दौरान तो बच्ची के परिजनों ने मूलचंद की मां को समझाकर वापस भेज दिया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
मासूम बच्ची के अपहरण के बाद दुष्कर्म की इस घटना में पुलिस और डॉक्टर को छोड़कर सभी गवाह मुकर गए थे। खुद बच्ची ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया था। लेकिन बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए न्यायालय ने मूलचंद उर्फ मूले को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। इस मुकदमे में पुलिस और डाॅक्टर समेत कुल 10 का गवाह थे। जिसमें आठ में अपनी गवाही पेश की थी।