नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव मूंढाखेड़ा निवासी व्यापारी नितिन के घर में शुक्रवार दोपहर आग लगने से उसकी पत्नी मंजू (30), बेटी तनवी (12 ) और बेटे पार्थ (4 ) की जलकर मौत हो गई। घटना के समय तीनों के अलावा घर पर कोई नहीं था। मंजू के भाई की तहीरर के आधार पर पुलिस ने नितिन और उसकी मां रामवती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बीते पांच सालों से मंजू और उसके पति नितिन के बीच तकरार चल रही थी। लगातार कहासुनी होती रहती थी। मंजू अपने घर को चलाना चाहती थी इसलिए वह नितिन पर घर को बर्बाद नहीं करने का दबाव बनाती थी। मायके वालों के मुताबिक नितिन ने अपने नाम की जमीन और अमरोहा का मकान बेच दिया था।
जबकि दुकान पर लाखों रुपये का कर्ज ले लिया था। गांव में केवल नितिन की मां के नाम पर चार बीघा जमीन बची हुई है। विवाद के चलते करीब चार महीने पहले मंजू अपनी मायके चली गई थी। इस दौरान बेटी तनवी गुरुकुल के हॉस्टल में रहती थी। जबकि बेटा पार्थ अपनी दादी के पास था।
लेकिन करीब एक महीने पहले नितिन मंजू के मायके पहुंचा और अपनी आदतों में सुधार करने की बात कह कर मंजू को वापस बुला लाया था। मंजू के भाई प्रदीप के मुताबिक दोनों के बीच मनमुटाव के दो मुकदमे भी चल रहे हैं। लेकिन, पति-पत्नी के विवाद के बीच बच्चों की क्या गलती थी। मंजू के साथ आग में जलकर मरने वाले बच्चों के साथ पूरे परिवार जैसे तहस नहस हो गया है।
बृहस्पतिवार को मंजू के बेटे पार्थ का जन्मदिन था। इसे एक दिन पहले नितिन खुद बेटी तनवी को गुरुकुल चोटीपुरा से बुलाकर घर लेकर आया था। नितिन के द्वारा तनवी को गुरुकुल से ले आने की पुष्टि कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सुमेधा ने की है।