आदमपुर के गांव मलकपुर की मंढैया में अचानक अग्निकांड हो गया। किसानों की घर और पशुशाला की एक के बाद एक 17 झोपड़ियों में आग लग गई। जिसमें घरेलू सामान, नगदी समेत कई मवेशी जल गए। आठ मवेशियों की लकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया आप है।
आरोप है कि सूचना देने के एक घंटे बाद भी दमकल की टीम नहीं पहुंची। एडीएम, सीओ ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। राजस्व की टीम नुकसान का आंकलन कर रही है। आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव मलकपुर गंगा बांध के किनारे पर बसा है। उसी के पास मलकपुर की मंढैया भी मजरा है।
जिसमें कुछ घर ही पक्की ईंटों के बने हुए है। जबकि अधिकांश परिवार झोपड़ी के बने घरों में ही रहते हैं। ये लोग खेतीबाड़ी व पशुपालन करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। घरों के पास ही पशुशाला भी बनी हुई है। मंगलवार दोपहर को अचानक गांव में अग लग गई।
एक के बाद एक झोपड़ी पास में होने की वजह से आग विकराल रूप लेती चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि दमकल कर्मियों को सूचना दी गई, लेकिन सूचना देने के काफी समय बाद भी दकमल कर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी।
गांव निवासी किसान वीर सिंह के घर की झोपड़ी में घरेलू सामान व 25 हजार की नगदी जल गई। मूलचंद की झोपड़ी घरेलू सामान व 40 हजार की नगदी व दो मवेशी जलकर मर गए। लोकेश की पशुशाला में दो मवेशी जलकर मौत हो गई। विद्यावती के दो मवेशी समेत आठ मवेशियों की मौत हो गई।
इसके अलावा गांव निवासी रामअवतार, नंदकिशोर, लोकेश, विनोद आदि की झोपड़ियों में आग लग गई। इन सभी के घरों में घर के जरूरी सामान जल गए। बाद में दमकल की टीम भी पहुंची। एसडीएम विभा श्रीवास्तव व सीओ दीप कुमार पंत भी पहुंच गए।
घटना की जांच पड़ताल की गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। एसडीएम विभा श्रीवास्तव का कहना है कि मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई। राजस्व की टीम नुकसान का आंकलन कर रही है। पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।