अमरोहा। केंद्र सरकार के बजट की उद्यमियों ने सराहना की है। उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने भी बजट को अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बताया लेकिन दवा कारोबारियों ने बजट को निराशाजनक बताया। उनका कहना है कि जीएसटी की दरों में कोई छूट नहींं देने से व्यापारी जगत में भारी निराशा है।
जीएसटी की दरें घटाने की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नकद लेनदेन की सीमा को नहीं बढ़ाया गया। बढ़ती महंगाई को देखकर नकद लेनदेन की सीमा को बढ़ाना जरूरी था। व्यापारियों की पेंशन व दुर्घटना बीमा की मांग को भी बजट में शामिल नहीं किया गया है। उद्यमियों ने इनकम टैक्स के स्लैब में छूट के दायरे को बढ़ाने की सराहना की है। इसके अलावा बजट को तेल व तिलहन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला बताया है।
केंद्र सरकार ने बजट में इनकम टैक्स के स्लैब में छूट का दायरा जो 12 लाख किया, वह सराहनीय है। इसके साथ ही तेल व तिलहन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दस हजार करोड़ का प्रावधान किया है, वह सराहनीय एवं प्रशंसनीय है। इससे तेल व तिलहन के रूप में देश आत्मनिर्भर हो सकेगा। मेडिकल के क्षेत्र के लिए भी अच्छी घोषणाएं की गई हैं। अजय टंडन, उद्यमी
-
बजट मध्यम वर्गीय लोगों को राहत देने वाला है। सराफा व्यवसायियों को सोने और चांदी पर एक्साइज ड्यूटी कम होने की उम्मीद थी, उसमें निराशा हाथ लगी है, कुल मिलाकर इस बार का बजट अच्छा और राहत देने वाला है। अर्थ व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। - कुंवर विनीत अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
-
जीएसटी की दरों में कोई छूट नहीं देने से व्यापारी जगत में निराशा है। जीएसटी में दरें घटाने की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। नकद लेनदेन की सीमा को नहीं बढ़ाया है। बढ़ती महंगाई को देखकर नगद लेने देन की सीमा को बढ़ाना बहुत जरूरी था। व्यापारियों की पेंशन व दुर्घटना बीमा की मांग को भी बजट में शामिल नहीं किया गया। - मोहम्मद इब्राहिम मंसूरी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल अमरोहा
मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग मिशन के जरिये छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को कवर मिलेगा। फुटवियर, लेदर, खिलौने उद्योग एवं कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। मध्यम वर्ग के लिए अभूतपूर्व बजट है। सुनील दीक्षित, जनसंपर्क निदेशक, जुबिलेंट भरतिया ग्राम