अमरोहा। नौगावां के गांव देहरा में पिछले कई दिनों से नजर आने वाले तेंदुए के कारण लोग खेतों पर भी अकेला नहीं जा रहे हैं। पुलिस भी सूचना पर कई दफा पहुंच चुकी है। वन विभाग की टीम ने भी उस स्थान पर पिंजरा लगा दिया जहां तेंदुए को बार बार देखा गया है। लेकिन वन विभाग कितना गंभीर है अब यह भी जान लीजिए। शनिवार को पिंजरे में एक ग्रामीण की बकरी को बांधा। वन विभाग की टीम ने उसके साथ सेल्फी भी ली। बाद में बकरी ग्रामीण को वापस भी कर दी। तर्क दिया जा रहा है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में रात को निकलता है लिहाजा बकरी रात में बांधी जाएगी। लेकिन अब सवाल यह है कि फिर फोटो क्यों खींचे गए। फोटो खींचकर किसको भेजे गए।
गांव देहरा निवासी सुमित गुर्जर ने बताया कि शुक्रवार की शाम उनके परिजन छत पर थे। इसी दौरान एक तेंदुआ सड़क पार कर गांव निवासी हरिओम सिंह के गन्ने के खेत में घुस गया। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक तेंदुआ ओझल हो गया।
सूचना पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल कर वापस लौट गई। तुरंत सूचना देने के बाद वन विभाग की टीम शनिवार को गांव पहुंची और घटनास्थल पर जांच करने के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव निवासी फुरकान से कुछ देर के लिए उसकी बकरी मंगवाई। वह बकरी लेकर आया तो वनकर्मियों ने बकरी पिंजरे में बांधकर फोटो खिंचवाई और बकरी वापस कर दी।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर पड़ोस में रहने वाले फुरकान की बकरी मंगाई थी। पिंजरे में बकरी बांधकर वन विभाग के कर्मचारियों ने जीपीएस मैप कैमरे से फोटो खींची और बकरी वापस कर दी। रात में भी पिंजरे में बकरी नहीं बांधी गई है। -सुमित गुर्जर, भाजपा कार्यकर्ता
पिंजरा करीब चार बजे लगाया गया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए बकरी अंधेरे में बांधी जाती है। इसलिए बकरी को वापस कर दिया गया था। रात में बकरी को दोबारा पिंजरे में बांध दिया होगा। -राजीव वर्मा, डिप्टी रेंजर