अमरोहा। लखनऊ एटीएस ने गिरफ्तार किया रजबपुर निवासी अल्तमश फरीदी दो महीने पहले नोएडा एटीएस ने गिरफ्तार किए फरहान नबी का साला है। फरहान नबीं की गिरफ्तारी के बाद से अल्तमश फरार हो गया था। उसी मुकदमे में वांछित था। अल्तमश ही अपने जीजा फरहान की संपत्ति की देखरेख करता था।
अल्तमश के खातों में तुर्किये से फंडिंग की जा रही थी। अल्तमश की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही रजबपुर के लोग हैरत में पड़ गए। परिवार के लोग घर में कैद हो गए। ग्रामीण भी इस संबंध में कुछ भी बताने से कतराते रहे। रजबपुर गांव में दिवंगत असकर फरीदी का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटे जियाउल, नजमुल व अल्तमश और तीन बेटियां हैं। जियाउल व नजमुल खेतीबाड़ी करते हैं। बड़ी बेटी की शादी दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी फरहान नबी के साथ हुई थी। अल्तमश का जीजा फहरान नबी तुर्की की कंपनी मैसर्स. इंस्ताबुल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के लिए काम करता था। जिसके माध्यम से फरहान तुर्किए से फंडिंग करता था। उसके इस काम में अल्तमश भी मदद करता था।
अल्तमश के खाते में भी कई करोड़ रुपये भेजे गए थे। इस पैसे से अल्तमश ने गांव में बाइपास के निकट मदरसा की स्थापना की थी। तुर्किए से की गई फंडिंग से वह अपने जीजा के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों का संचालन करता था। फरहान नबी की रजबपुर में करीब तीन सौ गज में मकान बनाया और जमीन भी है। फरहान नबी के मकान में फरहान के मकान में युवती बच्चों को पढ़ाती है उसे मदरसा समझा जा रहा है। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि अल्तमश की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। संवाद