अमरोहा। परिषदीय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों और निजी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ परिसर की स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरणीय व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन होगा। स्वच्छ हरित विद्यालय मूल्यांकन के तहत करीब 15 मानकों के आधार पर स्कूलों की ग्रेड तय की जाएगी।
इनमें शिक्षा की गुणवत्ता, परिसर की स्वच्छता व रखरखाव, बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय, सुरक्षित पेयजल समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं। पौधरोपण, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया है।
मूल्यांकन का उद्देश्य विद्यालयों को सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। विद्यार्थियों को स्वच्छता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और परिसर को हरा-भरा रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन होगा। सभी संबंधित विद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।