कुतुबपुर हमीदपुर गांव में किसानों पर हमले के बाद गुस्साए ग्रामीणों के तेंदुए की पीटकर हत्या करने के बाद आखिरकार वन विभाग के जिम्मेदारों की नींद टूट गई है। रविवार को फिर गांव में तेंदुआ और दो शावकों को देखे जाने के बाद सोमवार को वन विभाग के अधिकारियों ने अलग-अलग दो पिंजरे लगाए हैं। निगरानी के लिए कर्मचारियों की दो टीमें गठित की गई है। कर्मचारियों की यह टीमें 24 घंटे निगरानी करेंगी। एक टीम दिन और दूसरी टीम रात में ड्यूटी करेगी।
कुतुबपुर हमीदपुर गांव में शनिवार सुबह खेत पर काम करते समय टमाटर के खेत में छिपे तेंदुए ने किसान कोविन पर हमला कर दिया था। किसान को बचाने आए पांच अन्य लोग भी तेंदुए के हमले में घायल हो गए थे। जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला था। डिप्टी रेंजर राजीव वर्मा की तहरीर पर ग्राम प्रधान बृजेश के भाई राजेश कुमार और गांव के ही राजू सैनी व धर्मवीर को नामजद करते हुए अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रविवार सुबह करीब नौ बजे गांव के ही रत्नेश और धनसिंह खेत में टमाटर तोड़ रहे थे। तभी, उन्होंने दो शावक और एक तेंदुए को घूमते देखा था। शावक व तेंदुआ देखकर रत्नेश और धनसिंह ने घरों की ओर भागकर जान बचाई थी। इसके बाद से ग्रामीणों ने खेतों की तरफ जाना बंद कर दिया है।
एक दिन पहले ग्रामीणों ने पिंजरा न लगाने का लगाया था आरोप : ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि तेंदुआ व दो शावकों को देखे जाने के बाद वन विभाग को सूचित करने के बाद भी पिंजरा नहीं लगाया और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा का कोई और इंतजाम किया है। वन विभाग की टीम गांव पहुंची लेकिन, पूछताछ करके ऐसे ही लौट गई। इस मामले में डिप्टी रेंज राजीव वर्मा ने पल्ला झाड़ते हुए दोबारा तेंदुए दिखाई देने की बात से इन्कार किया था। लेकिन, सोमवार को वन विभाग के अधिकारियों ने कुतुबपुर हमीदपुर के रहने वाले रवि कुमार और राम सिंह के खेत में अलग-अलग दो पिंजरे लगाए हैं। जिससे जंगल में घूम रहे तेंदुए और शावकों को पकड़ा जा सके।
- कुतुबपुर हमीदपुर गांव के जंगल में दो पिंजरे लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने एक तेंदुआ और दो शावकों को देखे जाने की बात कही है। फिलहाल जंगल में घूम रहे तेंदुए को पकड़ने का प्रयास जारी है। ग्रामीणों से अपील है कि अगर कहीं तेंदुआ दिखाई देता है तो वन विभाग के अधिकारियों को बताएं। ग्रामीण तेंदुए पर हमला न करें। - एसपी सिंह, डीएफओ