हसनपुर। गंगा एक्सप्रेस-वे अब अपने अंतिम चरण में है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर जल्द ही वाहनों का आवागमन शुरू होने वाला है। निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बाद अब प्रशासन इसे आम जनता के लिए खोलने की तैयारियों में जुटा है। एक्सप्रेस-वे पर परिचालन शुरू करने से पहले सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को जांचा जा रहा है। हाल ही में विभिन्न टोल बूथों पर सफलतापूर्वक टेस्टिंग ट्रायल किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि मार्ग अब भारी और हल्के वाहनों के भार के लिए तैयार है। यूपीडा के अधिकारी अब फिनिशिंग टच और सुरक्षा मानकों के अंतिम निरीक्षण में लगे हैं।
इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच की दूरी सिमट जाएगी। वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज जाने में यात्रियों को 10 से 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से यह सफर मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन और माल ढुलाई की लागत में भी कमी आएगी।
जिले में एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 23.6 किलोमीटर है, जो अमरोहा की हसनपुर तहसील के 24 गांवों से होकर गुजर रही है। विशेष रूप से मंगरौला में टोल बूथ और एग्जिट-एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं, जिससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों को दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इसके किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बयान::गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में है। जल्द ही इस मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। — राकेश मोगा, एक्सईएन, यूपीडा।