अमरोहा। तहसीलदार की कार्यशैली और अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार को लेकर बुधवार को तहसील परिसर में जमकर हंगामा हुआ। नाराज अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय के सामने धरना देकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। विरोध प्रदर्शन के चलते करीब दो घंटे तक न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहा। बाद में तहसीलदार द्वारा कार्यप्रणाली में सुधार का आश्वासन दिए जाने पर मामला शांत हुआ।
बताया जा रहा है कि तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर अधिवक्ताओं में काफी समय से नाराजगी थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते, जिससे वादकारियों के कई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से लंबित पड़े हैं। बुधवार को एक अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। पीड़ित अधिवक्ता आसिम ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने कामकाज छोड़कर तहसीलदार कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि अधिकारियों का यह रवैया किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तहसीलदार की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मामले की गंभीरता बढ़ने पर तहसीलदार स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बातचीत की।
उन्होंने भविष्य में कार्यालय में नियमित रूप से बैठने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि दिए गए आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ तो आगे फिर आंदोलन किया जाएगा। धरने में बार सचिव संजीव गुर्जर, प्रमोद भटनागर, जयविंद्र सिंह, हबीब अहमद, अभिनव सक्सेना, चंद्रपाल सिंह, शमीम अहमद तुर्क, शौकीन मंसूरी और विमल किशोर मौजूद रहे।