अमरोहा। बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने पूर्ण रूप से लोक अदालत का बहिष्कार किया। अधिवक्ता पूर्ण रूप से कार्य से विरत रहे। वादकारी भी अदालत नहीं पहुंच सके। जिससे अदालताें में काम बुरी तरह से प्रभावित रहा। वहीं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अब सोमवार से अधिवक्ता काम करेंगे।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर चल रहे आंदोलन के तहत अधिवक्ता कई दिन से कार्य से विरत हैं और हड़ताल पर हैं। इसी को लेकर शनिवार को आयोजित होने वाली लोक अदालत का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया गया। बार अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा के निर्देश पर किसी भी अधिवक्ता ने अदालत का रुख नहीं किया। जिससे जनपद न्यायालय में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। वादकारी अदालत गेट पर तो आए मगर बिना काम कराए ही वापस चले गए। जैसे ही अधिवक्ताओं की भीड़ बढ़ी वैसे ही वादकारियों की संख्या कम होती गई। अधिकांश अदालतों में कुछ ही देर काम हो सका।
बार अध्यक्ष ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ के पत्र के अनुसार अब अधिवक्ता सोमवार से काम करेंगे। हाईकोर्ट में इस प्रकरण को लेकर सुनवाई करते हुए एक छह सदस्यीय समिति बनाई गई है। जिसमें 3 सदस्य उच्च न्यायालय के सिटिंग जज, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन, उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता व हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शामिल हैं। यह समिति हापुड़ घटना को लेकर अपनी रिपोर्ट देगी। सरकार के खिलाफ 16 सितंबर को कलक्ट्रेट, ट्रेजरी व रजिस्ट्री परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन, 22 सितंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 29 सितंबर को सरकार का पुतला जलाएंगे। 6 अक्तूबर को मंडलवार अधिवक्ता सम्मेलन होंगे। 13 अक्तूबर को प्रयागराज में समस्त बार के अध्यक्ष व मंत्री का सम्मेलन होगा। 20 अक्तूबर को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।