गजरौला। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा गजरौला के कृषि विज्ञान की छह हेक्टेयर भूमि पर धान की उन्नत किस्म का बीज तैयार कराया जाएगा। जिले में बासमती धान का उन्नत किस्म का बीज तैयार हो जाने पर बीज की उपलब्धता बढ़ेगी। जिससे जिले के किसानों को बीज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
गजरौला के तारापुर में कृषि विज्ञान केंद्र है। यहां पर हाईटेक नर्सरी है। जिले के किसानों, बागवानों को तकनीकी की नई-नई जानकारी देने के लिए वैज्ञानिक नियुक्त हैं। जो कृषि विज्ञान केंद्र के साथ ही ग्रामीण अंचलों में जाकर जागरूक करते हैं। कृषि वैज्ञानिकों की सक्रियता के चलते भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र पर धान की उन्नत किस्म का बीज तैयार कराने का निर्णय लिया गया। केंद्र की छह हेक्टेयर भूमि पर पहली बार उन्नत किस्म के धान का बीज तैयार कराया जा रहा है। जिले में बीज की उपलब्धता अधिक होने पर किसानों को खासा फायदा होगा। उनको धान की फसल उगाने के लिए बीज की किल्लत से जूझना नहीं पड़ेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. एके मिश्र ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र पर पहली बार अनुसंधान संस्थान द्वारा धान की उन्नत प्रजाति का बीज तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए अनुसंधान संस्थान के अफसरों से वार्ता हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र पर बीज तैयार होने से जिले में बीज की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे किसानों को खासा फायदा मिलेगा। बीज अधिक उपलब्ध होने पर बीज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।