इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से गांव में विकास कार्य ठप पड़ गया है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक को अमरोहा में आयोजित हुई एक सभा में जाट बिरादरी भाजपा को वोट न करने की अपील करना भारी पड़ गया है। आचार संहिता उल्लंघन में फंस गए हैं। उन्हें नोटिस जारी हुआ है। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जातिवाद, धर्मवाद के नाम पर वोट मांगना और वोट न करने की अपील पर आयोग ने बंदिश लगा दी है। यदि कोई आदेश का उल्लंघन करता है तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बावजूद इसके आदेश पर अमल नहीं हो रहा है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक जाट भाजपा को वोट न करने की अपील करके आचार संहिता उल्लंघन में फंस गए हैं।
उन्होंने गन्ना समिति के चेयरमैन भगत सिंह बॉबी के आवास पर 31 जनवरी को एक सभा और प्रेसवार्ता की थी। इस दौरान उन्होंने जाट आरक्षण के मुद्दे को लेकर अपनी राय जाहिर की थी। साथ ही जाट बिरादरी से भाजपा को वोट न करने की अपील की थी। यह अपील करना उन्हें भारी पड़ गया है।
इससे आचार संहिता का उल्लंघन माना जा रहा है। नोटिस जारी हुआ है।
यशपाल सिंह मलिक को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने जाटों से भाजपा को वोट न करने की अपील की थी, इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर अगली कार्रवाई का कदम उठाया जाएगा।प्रवीणा अग्रवाल, एसडीएम सदर