रंजिश के चलते किसान की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने चार सगे भाइयों समेत छह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 91 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि से 20 हजार रुपए मृतक की पत्नी और घायल को देने के आदेश दिए हैं। वारदात के बाद से एक आरोपी जेल में है, जबकि जमानत पर जेल से बाहर आ चुके पांच आरोपियों को फैसला आने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में दर्ज मुकदमे की तहरीर के मुताबिक आदमपुर थानाक्षेत्र के बरतौरा गांव में मुंशी और मंगू के परिवार रहते हैं। दोनों परिवारों की गांव के ही रहने वाले सगे भाई कमल और नन्हे से मुकदमेबाजी को लेकर रंजिश चल रही थी। आठ सितंबर 2013 की शाम मुंशी और मंगू खेत से चारा लेने के लिए गए थे। वह गांव निवासी बृजलाल के खेत के पास पहुंचे थे। तभी कमल, उसके भाई नन्हे उर्फ हरस्वरूप, नेतराम, ओमपाल व सोनू और हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगवार निवासी चंद्रपाल ने दोनों को घेर लिया था। सभी ने मिलकर लाठी-डंडों से पिटाई की थी। इसके बाद में मुंशी और मंगू को गोली मार दी थी। मंगू की मौके पर मौत हो गई थी। मुंशी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इस मामले में घायल मुंशी के बहनोई तहसीन की तहरीर पर आदमपुर पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के बाद से नेतराम जेल में बंद था, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। अन्य पांच आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे।
यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय स्वपन दीप सिंघल की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सर्वेश कुमार शर्मा ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी सगे भाई कमल सिंह, नन्हे उर्फ हरस्वरूप, नेतराम, ओमपाल सिंह के साथ-साथ सोनू और चंद्रपाल को दोषी करार दिया।