अमरोहा कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेते राज्य सूचना आयुक्त।
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने आरटीआई के नाम पर ब्लैकमेलिंग करने वालों को चेतावनी दी। कहा कि आरटीआई का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरटीआई के जरिए भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया जा सकता है। सूचना का अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी का हथियार है।
वह गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यालयों में नियुक्त जन सूचना अधिकारियों/प्रथम अपीलीय अधिकारियों को उप्र सूचना का अधिकार नियमावली 2015 अधिनियम के प्राविधानों के प्रशिक्षण शिविर में आए थे। पत्रकार वार्ता में कहा कि हर अधिकारी अपने कार्यालय के बाहर नेम प्लेट, फोन नंबर और मिलने का समय जरूर दर्ज कराए। शासन और प्रशासन में भ्रष्टाचार पनपने का मुख्य कारण अनावश्यक कारणों से बरती जाने वाली गोपनियता होती है। इसपर ध्यान देने की जरूरत है।
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि प्रत्येक लोक प्राधिकारी के कार्यकरण में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के संवर्धन, लोक प्राधिकारियों के नियंत्रणाधीन सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों के सूचना के अधिकार की व्यावहारिक शासन पद्धति स्थापित करने, एक केंद्रीय सूचना आयोग तथा राज्य सूचना आयोग का गठन करने और उनसे संबंधित या उनके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम बनाया गया है। सूचना कि अधिकार को एक अति महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है।
सूचना के अधिकार का मुद्दा आम लोगों, विशेषकर निर्धन व्यक्ति के संघर्षों से जुड़कर आगे बढ़ा है। कहा कि प्रत्येक अधिकारी के कार्यालय के बाहर नेम प्लेट पर फोन नंबर, मिलने का समय अवश्य दर्ज होना चाहिए। इसके पहले डीएम नवनीत सिंह चहल ने बुके देकर राज्य सूचना आयुक्त का स्वागत किया। इस दौरान एसपी सुधीर कुमार सिंह, सीडीओ चंद्रपाल सिंह, एडीएम महमूद आलम अंसारी, एसडीएम सुखबीर सिंह, संजय कुमार सिंह, यशवर्द्धन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।