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साइबर ठगों ने दरोगा को बनाया निशाना: रोजाना 5-10% रिटर्न का दिया झांसा, ठग ने लाखों रुपयों एक एप में डलवाए

Tue, 01 Jul 2025 08:07 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

फोन करने वाली महिला ने खुद को अपस्टोक इंवेस्टमेंट कंपनी का असिस्टेंट बताया और कंपनी में निवेश की गई रकम पर रोजाना पांच से दस प्रतिशत रिटर्न देने का झांसा दिया। इसके बाद 13 मार्च को अपस्टोक वैल्यू एडेड प्लान इनफॉरमेशन शेयरिंग ग्रुप में जोड़ लिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Meta AI
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विस्तार
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अमरोहा के सैदनगली थाने में तैनात दरोगा से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को हरियाणा के हिसार स्थित पर्ल होटल से वहीं की पुलिस ने करीब एक माह पहले गिरफ्तार किया था। इनमें उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के जसपुर थानाक्षेत्र के गांव अंगदपुर निवासी अमन और हरिद्वार के मंगलौर थानाक्षेत्र के लहबोली गांव निवासी शाहिद व शाकिब शामिल हैं।

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27 जून को रिमांड पर लेकर आई अमरोहा साइबर थाना पुलिस ने तीनों से पूछताछ की। वहीं, अमरोहा कोर्ट में पेश करने में बाद सोमवार को हिसार पुलिस तीनों को ले गई। अब अमरोहा पुलिस साइबर ठगों के नेटवर्क में शामिल आरोपियों की तलाश में जुटी है। साइबर ठगों का यह नेटवर्क हिसार के अलावा राजस्थान, उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली तक फैला हुआ है।

मूलरूप से गाजियाबाद के कविनगर थानाक्षेत्र निवासी दरोगा की अमरोहा के सैदनगली थाने में तैनाती है। 12 फरवरी को उनके पास दो अनजान नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाली महिला ने खुद को अपस्टोक इंवेस्टमेंट कंपनी का असिस्टेंट बताया और कंपनी में निवेश की गई रकम पर रोजाना पांच से दस प्रतिशत रिटर्न देने का झांसा दिया। इसके बाद 13 मार्च को अपस्टोक वैल्यू एडेड प्लान इनफॉरमेशन शेयरिंग ग्रुप में जोड़ लिया।

इसमें कुछ लोग शेयर बाजार में इंवेस्ट करने की बात कर रहे थे। इसके बाद कॉल करने वाली महिला ने दरोगा को एप्लीकेशन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर अकाउंट खुलवा दिया। बाद में लिंक भेजकर प्ले स्टोर से एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। इस एप्लीकेशन का नाम यूएसप्रो है। लिहाजा, दरोगा ने महिला के कहने पर उसके बताए गए खाता नंबरों में अलग-अलग तिथि पर कुल 9.43 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जबकि, महिला के बताए प्ले स्टोर से डाउनलोड कराए गए एक एप पर कुल जमा 7.53 लाख रुपये जमा दिखाए जा रहे थे।

12 अप्रैल को दरोगा ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
दरोगा ने महिला से अपने रुपये वापस निकलने का तरीका पूछा तो उसने क्रेडिट स्कोर कम बताकर रुपये निकालने से इन्कार कर दिया। इसके बाद महिला ने पांच लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा। साथ ही कहा कि जब तक पांच लाख जमा नहीं करेंगे तब तक रुपये नहीं निकाल पाएंगे। ठगी का एहसास होने पर दरोगा ने 12 अप्रैल को साइबर थाने में धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत मोबाइल नंबरों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की थी। 
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साइबर थाना प्रभारी जितेंद्र बालियान ने बताया कि साइबर ठगों के खाते फ्रीज कर दरोगा की रकम होल्ड कर दी गई है। वहीं, दरोगा के साथ ठगी करने वाले उत्तराखंड के तीन साइबर ठगों को हिसार पुलिस ने करीब एक माह पहले गिरफ्तार कर लिया था है। 27 जून को अमरोहा पुलिस तीनों आरोपियों अमन, शाहिद और शाकिब को रिमांड पर लेकर आई थी और पुलिस ने तीनों से पूछताछ की। सोमवार को कोर्ट में पेश करके हिसार पुलिस तीनों आरोपियों को ले गई है।
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