प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर जैसे शख्स की पिटाई का वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल करने के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह प्रमुख विपिन कुमार के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। हालांकि पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कह रही है।
हसनपुर क्षेत्र के एक व्हाट्सएप ग्रुप में शुक्रवार देर रात एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में खाद्य एवं रसद कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर जैसे किसी नेता पर पुलिस लाठी भांज रही थी। पिटाई का वीडियो वायरल होने की खबर अखबार में छपने के बाद कैबिनेट मंत्री के समर्थक नाराज हो गए थे। उनका कहना था कि, राजनीतिक छवि बिगाड़ने के लिए यह साजिश की गई है। मानहानि करने के मकसद से ऐसा किया गया है।
इसी को लेकर शनिवार शाम को समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष फैसल अल्वी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में फैसल अल्वी ने कहा है कि गजरौला के फाजलपुर निवासी विपिन कुमार ने कैबिनेट मंत्री की मानहानि की है। कहा कि पिटाई के वीडियो से कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का कोई संबंध नहीं है। वीडियो फर्जी है। कोतवाली निरीक्षक अनिल समानिया ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। जांच कराई जा रही है। दोषी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
मैंने नहीं किया अपमान ः सह प्रांत प्रमुख
एबीवीपी के प्रांत सह प्रमुख विपिन सागर ने बताया कि कमाल की पिटाई के मामले में मेरे खिलाफ तहरीर दी गई है। लेकिन मुझसे पहले यह वीडियो समाजवादी पार्टी के कई लोगों ने कई व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल हो चुकी थी। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मेरे द्वारा किसी के मान सम्मान कोई कोई ठेस नहीं पहुंचाई गई है।