गजरौला (अमरोहा)। क्लीनिक में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद भी स्टाफ ने उसकी हालत गंभीर बताकर कहीं और ले जाने की सलाह दी। परिजन यहां सीएचसी लेकर आए तो केंद्र अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। कहा कि महिला की मौत तो एक घंटा पहले ही हो चुकी थी। इस पर मृतका के परिजन शव लेकर लौट गए। हालांकि कुछ लोगों ने क्लीनिक पर जाकर हंगामा भी किया लेकिन संचालक के नहीं मिलने पर लौट आए।
बृहस्पतिवार की सुबह लगभग साढ़े सात बजे नगर के मोहल्ला धुनपुरी निवासी धर्मपाल एंबुलेंस में अपनी पत्नी वर्षा (32) को लेकर सीएचसी पहुंचा। यहां मौजूद केंद्र अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस पर सीएचसी में कोहराम मच गया। धर्मपाल ने बताया कि बुधवार की दोपहर को उसकी पत्नी को बुखार आने पर उसने उसे बस्ती में ज्ञान भारती इंटर कॉलेज के निकट स्थित एक क्लीनिक में भर्ती कराया था। रात 11 बजे तक उसकी तबीयत सही थी। रात में ही अचानक हालत बिगड़ गई। आरोप है कि वहां मौजूद स्टाफ ने गलत इंजेक्शन लगा दिया था। इससे उसकी मौत हो गई। सुबह के समय स्टाफ ने बताया कि वर्षा की हालत गंभीर है। इसलिए इसे मुरादाबाद ले जाओ। वह मुरादाबाद जाने से पहले उसे यहां सीएचसी में ले आया। बाद में रोते-बिलखते परिजन शव लेकर घर लौट गए। हालांकि कुछ लोग क्लीनिक में भी जा पहुंचे और संचालक के नहीं मिलने पर लौट आए। वहीं शव घर पहुंचते ही आस पड़ोस की महिलाएं भी वहां आ गईं। मृतका अपने पीछे चार बच्चे बेटी हरियाली, नैंसी, प्रीति और कृष्णा को बिलखता छोड़ गई है।
महिला सीएचसी में मृत अवस्था में लाई गई थी। वहां लाने से लगभग एक घंटा पूर्व ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। क्लीनिक पंजीकृत है अथवा अपंजीकृत इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. योगेंद्र सिंह, केंद्र अधीक्षक सीएचसी
पुलिस को महिला की मौत के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। थाने में तहरीर भी नहीं मिली है। यदि शिकायत आई तो जांच कराकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
- नीरज कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक