चैत्र माह के तीसरे मंगलवार को ललिता देवी पर पूजा करने व प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सुबह से ही महिला व पुरुष कतार में लगे नजर आए। दिनभर मंदिर में देवी मांग के जयकारे गूंजते रहे। उधर, व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को भी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
तीसरे मंगलवार पर मंदिर में प्रसाद चढ़ाने व पूजा-अर्चना करने के लिए सोमवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जिसको जहां जगह मिली। वहीं, लेट गए। तड़के चार बजते ही श्रद्धालु मंदिर में ललिता देवी के दर्शन करने व प्रसाद चढ़ाने के लिए लाइन में लगे गए। सुबह सात बजे तक दूर तक श्रद्धालुओं की कतार लग गई। दिनभर मंदिर परिसर देवी मां के जयकारों से गूंजते रहे। आस्था के सैलाब में बच्चों को दिक्कत हुई तो परिजनों ने उनको कंधों पर बैठा लिया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के बाद बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया। मंदिर ललिता देवी के जयकारों से गूंज उठा। वहीं महिलाओं और बच्चों ने मेले में खरीदारी की। खाने-पीने की वस्तुओं का आनंद लिया। पुलिस ने ड्रोन से सुरक्षा की।