ब्रजघाट से कांवड़ लेकर गंतव्य को जाते शिवभक्त। संवाद
गजरौला। सावन माह के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ में गंगाजल ले जा रहे और कांवड़ लेने जाने वाले कांवड़ियों का हाईवे पर सैलाब उमड़ा। ब्रजघाट से गजरौला तक कांवड़ियों की लाइन नहीं टूटी। सुबह 5 बजे से कांवड़ियों के जत्थे गंतव्य को रवाना होते रहे। हाईवे पर तरह-तरह की कांवड़, पालकी और भव्य रथ लोगों का मन मोह रहे हैं।
सावन माह का अंतिम सोमवार चार अगस्त को है। जिस पर भगवान शिव के भक्त और कांवड़िये अपने ईष्ट का जलाभिषेक करेंगे। सावन माह शिव को अति प्रिय है। इसलिए कोई भी शिवभक्त व कांवड़िया इस पवित्र माह में गंगा जल से जलाभिषेक करना नहीं भूलता। तीन दिन पहले शुक्रवार को कांवड़ियों के जत्थे ब्रजघाट से कांवड़ में गंगा जल भर कर गंतव्य को रवाना हुए जिससे वह समय पर जलाभिषेक कर सकें। कांवड़ियों से दिल्ली-लखनऊ हाईवे भर गया। मुरादाबाद जाने वाली लेन पर ब्रजघाट से लेकर गजरौला तक कांवड़िये ही कांवड़िये नजर आ रहे हैं। किसी पर भगवान शिव की कांवड़ है तो कई कांवड़िये मिलकर उनके भव्य रथ को खींचकर ले जा रहे हैं। रथ में भव्य शिवलिंग आकर्षण का केंद्र बने रहे। बिलारी के श्रद्धालु भव्य रथ पर भगवान शिव, बाबा खाटू श्याम, गंगा और भूत-प्रेत की झांकी सजाकर लेकर निकले तो लोग उनको देखते ही रह गए।
उधर कांवड़ियों के बेड़े में शामिल डीजे की प्रतियोगिता जैसा माहौल है। डीजे पर बज रहे भगवान शिव के भजनों पर कांवड़िये थिरकते हुए मंजिल तय कर रहे हैं। दिन की गर्मी और उमस पर भगवान शिव की भक्ति भारी पड़ रही है। वहीं ब्रजघाट चौकी के निकट कम से 100 डीजे वाहनों को ब्रजघाट की तरफ जाने से रोक दिया।