गजरौला। गंगा की रेती पर तंबुओं का नगर आकार लेने लगा है। कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष में लगने वाले तिगरी गंगा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए झूले भी लगने लगे हैं। फायर स्टेशन और मेला कोतवाली के लिए भी टेंट लगा दिए गए हैं।
तिगरी गंगा मेले का पूजन देवोत्थान एकादशी पर किया जाएगा। मगर मेले की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। मेला कोतवाली बन जाने के बाद उसमें उपकरण रखने और स्टाफ के रहने के लिए शिविर लग गए है। मेले में जिस ठेकेदार पर टेंट व तंबू उपलब्ध कराने का ठेका है, वह भी कई दिन पूर्व आ गया है। मेला कोतवाली के सामने ही उसका भी बड़ा शिविर लग गया है। उसमें हजारों तंबुओं के साथ ही रजाई व गद्दे पड़े हैं। गंगा किनारे ही जिला प्रशासन की तरफ से प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जिसमें कृषि, पशु पालन, गन्ना विभाग के स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को उनके काम आने वाली जानकारी दी जाएगी। मेले में मनोरंजन के लिए हिंडोला, झूला, ड्रैगन ट्रेन व मौत के कुआं का सामान कई दिन पूर्व आ गया था। मौत का कुआं व हिंडोला लग चुका है। ट्रेन तैयारी के कगार पर पहुंच गई हैं। मेले में लगे शिविरों को देख ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे तंबुओं का नगर बस रहा हो। उधर मंगलवार की शाम से ही गंगा मार्ग पर लगे खंभों की लाइट जलने से मेला स्थल दूधिया रोशन से जगमग हो गया।
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