अमरोहा। तिगरी और गढ़ गंगा मेले को आपस में जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। दोनों मेलों के बीच करीब 700 मीटर लंबा पैंटून पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुल में करीब 250 पीपों का इस्तेमाल होगा और इसकी अनुमानित लागत 10 से 12 करोड़ रुपये आएगी। प्रस्ताव मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल है। अक्तूबर में पुल लगाया जाएगा और जून में हटाया जाएगा। इससे श्रद्धालु नाव के बजाय सीधे दोनों मेलों में आ-जा सकेंगे।
काफी समय से दोनों मेलों को जोड़ने की योजना चल रही है। पुल बनने से श्रद्धालुओं को सुगम रास्ता मिलने के साथ व्यापारियों को भी लाभ होगा। अभी लोगों को ब्रजघाट घूमकर गढ़ की ओर जाना पड़ता है, जबकि पुल बनने के बाद तिगरी से सीधे गढ़ पहुंच सकेंगे। हाल में अमरोहा और हापुड़ के डीएम ने तकनीकी टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया था।
तिगरी-गढ़ मेला कार्तिक पूर्णिमा से करीब 15 दिनों तक आयोजित होता है। लोक निर्माण विभाग के एई रणवीर सिंह ने बताया कि प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। अधिशासी अभियंता गौरव रंजन ने बताया कि दोनों जिलों के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। बरसात में पुल हटाकर पीपों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।
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गंगा मेले में हर साल 35 से 40 लाख श्रद्धालु पहुंचते है
अमरोहा। तिगरी मेला उत्तर भारत का सबसे बड़ा गंगा मेला लगता है। इसमें करीब 35 से 40 लाख श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। मेले में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुगम आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का पूरा ख्याल रखा जाता है।
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इस मेले में पुल निर्माण की संभावना कम
अमरोहा। इस बार गंगा मेले में पुल निर्माण की संभावना कम ही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पीपों का निर्माण प्रयागराज में किया जाता है। अभी शासन की ओर से पीपों का निर्माण के लिए आर्डर दिया जाएगा। जिसमें समय लग सकता है। हालांकि इस बात का पूरा जोर है कि इस बार से ही श्रद्धालुओं को पुल का तोहफा दिया जा सके। क्योंकि गंगा मेले की तैयारियां अक्टूबर में शुरू हो जाएंगी। ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेला का शुभारंभ 20 नवंबर (देवोत्थान एकादशी) को होगा और इसका मुख्य गंगा स्नान 24 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा को होगा। संवाद
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