अमरोहा। जिले में सितंबर माह में जानवरों के हमलों में 9092 लोग घायल हुए। इनमें आवारा कुत्तों के काटने के 3411 और पालतू कुत्तों के 2335 मामले सामने आए। बंदरों ने 2271 और बिल्लियों ने 806 लोगों को काटा, जबकि अन्य जानवरों के हमलों में 269 लोग घायल हुए। रेबीज से किसी की मौत नहीं हुई।
राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (एनआरसीपी) की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, 2944 लोगों को जानवर के काटने का संदेह था, लेकिन उन्हें इंजेक्शन नहीं लगाए गए। वहीं, 4886 लोगों पर जानवरों ने मामूली हमला किया या लार लगाई, जबकि 1380 लोगों के शरीर पर काटने से घाव हुए। इन सभी को एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) भी दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पशु के काटने से त्वचा फटने, खून निकलने या श्लेष्म झिल्ली के संपर्क में आने पर गंभीर जोखिम होता है। ऐसे मामलों में घाव की सफाई के साथ एंटी रेबीज वैक्सीन और सीरम देना जरूरी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि सितंबर की रिपोर्ट में रेबीज से किसी की मृत्यु या संदिग्ध मरीज के भर्ती होने का मामला दर्ज नहीं है। अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं। सांप के काटने पर भी तत्काल अस्पताल पहुंचकर उपचार कराना चाहिए। इसके इंजेक्शन जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर उपलब्ध हैं।
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अगस्त में 10180 लोगों को कुत्तों ने काटा
अमरोहा। अगर पिछले माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो आवारा कुत्तों ने 4493 लोगों को काटा जबकि 2882 लोगों को घरेलू कुत्तों ने काटा। 2003 लोग बंदरों के हमले में घायल हुए।
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