नगर के कचरा प्रबंधन के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा 40 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर पालिका द्वारा काम शुरू कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद 20 टन कचरा प्रतिदिन अलग अलग किया जा सकेगा।
नगरीय क्षेत्र मेें स्वच्छता को लेकर सरकार भी गंभीर है। नगर पालिका द्वारा नगर के कचरा प्रबंधन के लिए एक योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से ट्रोमिल मशीन खरीदी जा रही है। अधिशासी अधिकारी बिजेंद्र पाल ने बताया कि इस मशीन के जरिए प्रतिदिन 20 टन कचरा अलग अलग किया जा सकेगा। गीला कचरे को अलग करने के लिए वेट वेस्ट प्रोसेसिंग मशीन भी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कन्वेयर बेल्ट की मदद से सूखा कचरा अलग किया जाएगा और कचरे से प्लास्टिक को अलग करने के लिए फटका मशीन भी खरीदी जा रही है। कम्प्रेसर मशीन की सहायता से प्लास्टिक को दबाया जाएगा। कचरे में ईंट, रोड़ा, पत्थर आदि को अलग करने के लिए स्टोन क्रेशर भी लगाया जाएगा। इसको सड़क निर्माण में प्रयोग में लाया जाएगा। ईओ ने बताया कि नगर में प्रतिदिन 8.5 टन कचरा निकलता है। इस मशीन की सहायता से नगर के कचरे का सही तरीके से प्रबंधन हो सकेगा।
अधिशासी अधिकारी बिजेंद्र पाल ने बताया कि पालिका के पास डंप पुराने कचरे को ट्रीट करने के लिए नगर पालिका द्वारा 50 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इसमें से 23 लाख रुपये की धनराशि शासन से प्राप्त हो चुकी है। इसके लिए जीरो वेस्ट टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा। ईओ ने बताया कि एनजीटी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए आदेश के मद्देनजर सूखा कचरे को अलग-अलग रखने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे नगर को साफ व सुंदर बनाने के लिए सूखा और गीला कूड़ा अलग अलग रखें।