जांच पूरी होने के बाद वसूली की कार्रवाई शुरू होगी। इसके बाद फर्जीवाड़े में शामिल ब्लॉक के तत्कालीन कर्मचारी और धनराशि लेने वाले शमी के बहन-बहनाई और उनके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
जोया ब्लॉक क्षेत्र के पलौला गांव में बिना काम किए मनरेगा मजदूरी हासिल करने का प्रकरण सामने आया था। मामला क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना के ससुराल के परिवार से जुड़ा है। शबीना की सास गुले आयशा पत्नी शकील अहमद ग्राम प्रधान हैं। उन्हीं के कार्यकाल में गड़बड़ी का यह पूरा खेल हुआ है। उनके प्रधान बनने से पहले ही इस फर्जीवाड़े की बिसात बिछा दी गई थी। यानी जनवरी 2021 में सभी के जॉब कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी।
फिर गुले आयशा के प्रधान बनने के बाद मनरेगा में बिना काम किए मजदूरी हासिल करते रहे। अब मामला खुला तो गड़बड़ियों की परतें एक-एक कर सामने आ रही हैं। शबीना के परिवार के एक-दो नहीं बल्कि आठ लोगों ने गलत तरीके से मनरेगा की मजदूरी हासिल की। इसमें शबीना व उनके पति गजनबी, देवर आमिर सुहेल, नसरूद्दीन व शेखू और ननद सारिया, नेहा परवीन व सबा रानी शामिल हैं। इनमें नेहा परवीन की शादी हो चुकी है।
डीएम के निर्देश पर चल रही जांच अंतिम चरण में है। बताया जाता है कि अभी तक की जांच में परिवार के आठ लोगों समेत कुल 18 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। जिन्होंने मनरेगा की मजदूरी हासिल की है। सभी 18 लोगों ने चार सालों में कुल 8.64 लाख रुपये की मजदूरी पाई है। जांच के बाद पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। जिसके बाद सभी से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
कई मस्टररोल पर नहीं हैं संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर
पलौला में मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में कई तरह की गड़बड़ियों को नजरअंदाज किया गया है। बताया जाता है कि कार्यों के लिए तैयार किए गए मस्टररोल पर संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर नहीं मिले हैं। केवल प्रधान की मुहर ही मस्टररोल पर है। इसके बाद भी भुगतान की प्रक्रिया की गई है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही गड़बड़ी का पूरा खेल खुलकर सामने आ सकेगा।
- जांच अंतिम चरण में हैं। जांच पूरी होने के बाद उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।- अमरेंद्र प्रताप सिंह, डीसी मनरेगा/ परियोजना निदेशक