अमरोहा। अमरोहा जिले का नाम बदलने की कवायद के बीच लोग लगातार प्रशासन को अपना मंतव्य दे रहे हैं। जिले का नाम ज्योतिबा फुले नगर किए जाने को लेकर अब तक 65 लोगों व संस्थाओं ने समर्थन पत्र देकर अपना मंतव्य दिया है। जबकि एक संस्था द्वारा नाम न बदलने का अपना मंतव्य पत्र प्रस्तुत किया है।
अधिकारियों के अनुसार अब तक प्राप्त मंतव्य पत्रों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को जल्द भेजी जाएगी। पिछले दिनों जिले का नाम बदलने की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए प्रशासन ने महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर जिले वासियों का मंतव्य मांगा था। साथ ही सात दिनों के भीतर कलक्ट्रेट स्थित भूलेख कार्यालय एवं संबंधित तहसीलों के एसडीएम कार्यालय में अपना अभिमत उपलब्ध कराने का समय दिया गया था। बता दें कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 24 अप्रैल 1997 में ज्योतिबाफुले के नाम से जिला बनाया था। बाद में सपा सरकार ने 2002 में नवगठित जिले को समाप्त कर इसका मुरादाबाद में विलय कर दिया गया था लेकिन फिर से अमरोहा के नाम से इसका गठन किया गया था। अब एक बार फिर से जिले का नाम ज्योतिबाफुले नगर किए जाने की मांग उठने लगी है। पिछले सप्ताह एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव ने इस संबंध में जिले वासियों से अपना मंतव्य देने को कहा था। जिसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। इस एक सप्ताह में 65 लोगों एवं संस्थाओं द्वारा जिले का नाम बदले जाने का मंतव्य दिया है। जबकि एक मंतव्य पत्र नाम न बदले जाने के समर्थन में दिया गया है। एडीएम न्यायिक ने बताया कि अभी तक प्राप्त अभिमतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन एवं राजस्व परिषद को भेजी जाएगी।